सीमांकन कराने पहुंचे बिल्डर की बंधक बनाकर पिटाई:आसाराम आश्रम के लोगों ने की मारपीट, मर्सिडीज में की तोड़फोड़

भोपाल, भोपाल के गांधी नगर थाना इलाके में संत आसाराम नगर आश्रम से लगी जमीन का सीमांकन करवाने पहुंचे बिल्डर और उनके कर्मचारियों को बंधक बनाकर मारपीट का मामला सामने आया है। किसी तरह जान बचाकर गेट से कूदकर भागे बिल्डर और कर्मचारी अस्पताल पहुंचे, वहां अपना इलाज कराने के बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई। हमला करने वाली भीड़ ने बिल्डर की मर्सिडीज कार में भी तोडफ़ोड़ की।

पुलिस के मुताबिक माउंट व्यू विला चूनाभट्टी निवासी नमन अग्रवाल (31) कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं। उनकी फर्म की कुछ जमीन आसाराम आश्रम में दबी हुई है। उनकी जमीन गुरुकुल आश्रम के पास है। जमीन के सीमांकन की कार्रवाई के लिए उन्होंने तहसीलदार बैरागढ़ को आवेदन दिया था। गुरुवार को राजस्व की टीम सीमांकन के लिए गई। राजस्व की ओर से नमन अग्रवाल को सीमांकन के दौरान उपस्थित रहने के लिए नोटिस दिया था।

फरियादी ने पुलिस को क्या बताया फरियादी नमन का कहना है कि गुरुवार सुबह वह चूनाभट्टी स्थित अपने घर पर थे। तभी दोपहर करीब सवा 12 बजे राजस्व निरीक्षक प्रदीप यादव का फोन आया और उन्होंने कहा कि सीमांकन के लिए आपको उपस्थित होना पड़ेगा। लिहाजा वह अपने ड्रायवर मनोज बघुल के साथ मर्सिडीज गाड़ी से आसाराम आश्रम पहुंचे। वह अपने कर्मचारियों अतुल गुप्ता, मानस राजवैद्य, कन्हैयालाल धुर्वे व अजय अहिरवार को भी चूने की लाइन डालने में मदद करने के लिए ले गए थे। कर्मचारी बाइक से गए थे।

भीड़ के साथ आए थे आश्रम के कर्मचारी मौके पर पहुंचने पर पता चला कि बगल वाली जमीन के मालिक अमित कुकरेजा व दिलीपी कुकरेजा भी वहां मौजूद थे। उनको भी राजस्व की टीम ने बुलाया था। दोपहर करीब डेढ़ बजे सीमांकन की कार्रवाई के दौरान आसाराम आश्रम के कुछ पुरुष व महिलाएं आकर नमन अग्रवाल से कहने लगीं कि यहां आ तो गए, जाकर बताओ, हाथ-पैर तोड़ देंगे। सभी मिलकर गाली-गलौज करने लगे। वे राजस्व टीम की कार्रवाई का विरोध कर उनके कार्य में भी बाधा उत्पन्न कर रहे थे। खतरे का आभास होते ही नमन अग्रवाल ने राजस्व टीम से कहा कि मुझे जाना है। राजस्व टीम ने कहा कि पंचनामा कार्रवाई के बाद चले जाना। पंचनामा में आपके हस्ताक्षर होंगे।

पीटकर सिर फोड़ दिया कुछ देर बाद सीमांकन की कार्रवाई के दौरान स्थिति बिगड़ने लगी और राजस्व की टीम ने नमन अग्रवाल को जाने की इजाजत दे दी। नमन अग्रवाल गेट की तरफ कार से पहुंचे। इस दौरान गेट पर मौजूद कर्मचारियों ने गेट बंद कर दिया। उन्होंने गेट खोलने के लिए कहा तो कर्मचारी कहने लगे कि संस्था के संचालक रविंद्र पटेल ने गेट बंद करने के आदेश दिए हैं। ड्राइवर ने कार रिवर्स की और अंदर पहुंचे। इस दौरान भीड़ ने उनकी कार घेर ली। भीड़ ने उन्हें कार से उतारने का प्रयास किया। वे सीट बेल्ट लगाए हुए थे तो भीड़ ने कार पर डंडे बरसा दिए। हमले में नमन अग्रवाल के सिर में चोट आई है जबकि ड्राइवर मनोज बघेल को बाहर निकालकर पीटा गया। भीड़ ने हॉकी, डंडे और बेसबाल के बेट से मारपीट की। किसी तरह जान बचाकर वह गेट कूदकर बाहर निकले। अस्पताल पहुंचे और इलाज करने के बाद fir दर्ज कराई।

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