भोपाल। केंद्रीय श्रमिक संगठनों की पहल पर देशव्यापी हड़ताल में राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हुए। बैंक, बीमा, डाक घर और आयकर विभाग में श्रम संगठनों से जुड़े कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया। भारतीय स्टेट बैंक, सहकारी क्षेत्र के बैंक, निजी बैंकों को छोड़कर अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों में इसका असर सामान्य कामकाज पर देखा गया।
अधिकारियों का अनुमान है कि इससे करीब 50 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। इस हड़ताल में नेशनल काउंसिल ऑफ बैंक एम्पलाइज यूनियन सहित कुछ कर्मचारी संगठन शामिल नहीं थे। बैंकर्स क्लब के अध्यक्ष सुंदर किशनानी ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक की शाखाएं अप्रभावित रहीं। कुछ राष्ट्रीयकृत बैंकों में हड़ताल से दूरी बनाई यूनियनों से जुड़े कर्मचारियों ने काम किया।
शाखाएं खुलीं लेकिन काम प्रभावित हुआ। यदि सभी बैंक शाखाएं बंद होतीं तो कारोबार पूरी तरह ठप हो जाता। चेक क्लीयरेंस का काम भी नियमित रूप से हुआ। वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ के डिविजन सेक्रेटरी कमलेश परिहार ने कहा कि नये श्रम कानूनों से कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा खतरे में है, जिसके लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा। ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा के प्रवक्ता वीके शर्मा ने दावा किया कि भारतीय मजदूर संघ को छोड़कर देश के 11 में से 10 प्रमुख केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने इस बंद को अपना सीधा समर्थन दिया था।
इन मांगों को लेकर हुआ प्रदर्शन
आंदोलनकारी संगठनों की मुख्य मांगों में चारों नये श्रम कानूनों को रद करना सबसे बड़ा था। इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना की बहाली, सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक और एक जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू करने की मांग शामिल रही। संगठनों ने न्यूनतम वेतन 26 हजार
रुपये प्रति माह करने और आउटसोर्सिंग व ठेका प्रथा को समाप्त कर समान कार्य-समान वेतन लागू करने की भी मांग उठाई।
भोपाल में इस तरह हुए प्रदर्शन
- पंजाब नेशनल बैंक की प्रेस काम्प्लेक्स शाखा के सामने कर्मचारी रंग-बिरंगे बैनरों और लाल टी-शर्ट में एकत्रित हुए। यहां से एक रैली निकाली गई, जिसमें केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।
- वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ के नेतृत्व में कर्मचारियों ने डीआरएम कार्यालय भोजनावकाश के दौरान प्रदर्शन किया।
- अखिल भारतीय आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स फेडरेशन की कार्यकर्ताओं ने केंद्र बंद रखकर कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।