क्या है IEEPA कानून जिसके आगे कमजोर पड़ गया ट्रंप का टैरिफ

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि ट्रंप ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत वैश्विक टैरिफ लगाकर अपने अधिकार का उल्लंघन किया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि टैरिफ लगाने का अधिकार अमेरिकी संविधान के तहत कांग्रेस के पास है। इस फैसले का असर फरवरी 2025 के बाद लगाए गए टैरिफ पर पड़ेगा।
क्या है IEEPA कानून?
इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) 1977 में पारित एक अमेरिकी कानून है। यह राष्ट्रपति को विदेशी खतरों से जुड़ी राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान आर्थिक लेनदेन को नियंत्रित करने की अनुमति देता है। यह कानून इंपोर्ट, एक्सपोर्ट और वित्तीय लेनदेन को कंट्रोल करने का अधिकार देता है। हालांकि, इस कानून में विशेष रूप से टैरिफ का उल्लेख नहीं है।
ट्रंप से पहले अमेरिकी के राष्ट्रपतियों ने IEEPA का उपयोग प्रतिबंध लगाने और व्यापार को प्रतिबंधित करने के लिए किया है। डोनाल्ड ट्रंप वैश्विक टैरिफ लगाने के लिए IEEPA का उपयोग करने वाले पहले राष्ट्रपति बने। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि IEEPA टैरिफ को अधिकृत नहीं करता है क्योंकि टैरिफ लगाने का अधिकार संविधान के तहत कांग्रेस के पास है।
इन 5 चीजों में IEEPA का इस्तेमाल
- आर्थिक फैसले तुरंत प्रभाव से लागू करने में
- इंपोर्ट-एक्सपोर्ट पर बैन लगाने में
- विदेशी संपत्तियों को फ्रीज करने में
- डॉलर ट्रांजेक्शन और बैंकिंग को कंट्रोल करने में
- विदेशी निवेश को कंट्रोल करने में
कितनी बार हुआ है IEEPA का उपयोग?
- साल 1977 में लागू होने के बाद इस कानून का इस्तेमाल अभी तक 82 बार अलग-अलग राष्ट्रीय आपात स्थितियों में हुआ है।
- अमेरिका में घोषित सभी राष्ट्रीय आपात स्थितियों में से लगभग 90% इसी कानून के तहत होती हैं।
- इस कानून का इस्तेमाल पहली बार साल 1979 में राष्ट्रपति जिमी कार्टर ने बंधक संकट के दौरान ईरानी संपत्ति को ब्लॉक करने के लिए किया था।
- राष्ट्रपति ट्रंप ने IEEPA का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान 22 राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किए, जिनमें से अधिकांश में IEEPA का सहारा लिया गया।
फैसले में क्या कहा कोर्ट ने?
सुप्रीम कोर्ट ने वैश्विक टैरिफ के लिए IEEPA के उपयोग को खारिज किया। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के फैसले में कहा कि ट्रंप के पास IEEPA के तहत व्यापक वैश्विक टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं था। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने लिखा कि IEEPA राष्ट्रपति को आपातकाल के दौरान आयात को नियंत्रित करने की अनुमति देता है, लेकिन टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता। अदालत ने कहा कि कांग्रेस के पास टैरिफ लगाने की शक्ति है। रॉबर्ट्स ने कहा कि ट्रंपप्रशासन ने IEEPA के तहत टैरिफ की अनुमति देने वाला कोई कानून नहीं बताया।





