मंडलेश्वर में आचमन के योग्य भी नहीं नर्मदा का पानी, ई-कोलाई बैक्टीरिया की मात्रा 300 से ज्यादा मिली

भोपाल। मंडलेश्वर में हजारों श्रद्धालु नर्मदा नदी के पानी से न सिर्फ स्नान करते है, साथ ही इसके पानी का आचमन भी करते हैं। हकीकत यह है कि नर्मदा का पानी आचमन के योग्य भी नहीं है। प्रदेश सरकार सिंहस्थ में शिप्रा नदी में मिल रहे दूषित पानी को रोकने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने जा रही हैं। हकीकत यह है कि मंडलेश्वर में नर्मदा में ड्रेनेज का मल-मूत्र मिल रहा है और इस पवित्र पानी को दूषित कर रहा है।इस पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया भी मिला है। ऐसे में यह पानी आचमन के योग्य भी नहीं है। विधानसभा में भागीरथपुरा मामले पर विधायकों द्वारा पूछे गए जवाब में नगर निगम के मंडलेश्वर स्थित नर्मदा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट द्वारा वर्ष 2025 में जनवरी से मई माह के दौरान नदी के पानी की जांच रिपोर्ट में नर्मदा के पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है। इसकी मात्रा 325 से 729 एमपीएम तक मिली है।

गौरतलब है कि 50 एमपीएन से कम मात्रा वाला पानी पीने योग्य माना जाता है। 50 से 500 एमपीएन प्रति 100 मिलीलीटर का पानी ब्री ग्रेड का होता है और यह पीने योग्य नहीं होता है। मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रतिमाह नर्मदा के पानी की जांच की जाती है और इसकी शुद्धता के दावे किए जाते हैं।

मंडलेश्वर स्थित नर्मदा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट इस नर्मदा के पानी का फिल्टरेशन कर उसकी उसमें मौजूद बैक्टीरिया को नष्ट कर इंदौर तक इस पानी की आपूर्ति की जाती है। मंडलेश्वर में ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया जा रहा है।

नगर निगम की लैब ने ही बताया इंदौर शहर का पेयजल है दूषित, दो माह में फेल हुए 206 सैंपल

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 35 लोगों की मौत के बाद भी नगर निगम शहरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है। नगर निगम की मूसाखेड़ी स्थित लैब में विगत दो माह में हुई पानी की जांच में ही यह सच्चाई सामने आ गई है। इस लैब में जांच के लिए पहुंच रहे नर्मदा पानी के सैंपल फेल हुए है।

ऐसे में नगर निगम द्वारा शहरवासियों को उपलब्ध करवाए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता पर अब भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर में नगर निगम द्वारा वितरित किए जाने वाले नर्मदा पेयजल की दिसंबर व जनवरी माह के 50 दिनों में शहर के अलग-अलग कॉलोनियों से पहुंचे 280 में से 206 सैंपल फेल हुए। जनवरी माह में 20 दिनों में ही 167 पानी के सैंपल फेल होने की जानकारी आई। नगर निगम द्वारा विधानसभा में यह जानकारी प्रस्तुत की गई है।

पिछले दो वर्षो में बढ़ी दूषित पानी की शिकायतें

नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो वर्षो में शहर में दूषित पानी की शिकायतें भी बढ़ी है और इसके साथ जांच में दूषित पानी के सैंपल फेल होने के मामले भी सामने आए है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button