आचार्य जिनमणिप्रभ सूरीश्वर को जैन श्रीसंघों ने राष्ट्ररत्न उपाधि से विभूषित किया

रायपुर, सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट ने जिनमणिप्रभ सूरीश्वर को राष्ट्ररत्न व महेन्द्र सागर को आचार्य बनाए जाने की अनुमोदना व स्वागत किया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद व महासचिव महेन्द्र कोचर ने बताया कि आज जैसलमेर में आयोजित जिनदत्त सूरि चादर महोत्सव में भारतवर्ष के समस्त जैन श्रीसंघ उपस्थित थे । भारतवर्ष के सभी श्रीसंघों ने हर्षध्वनि के साथ राजस्थान व महाराष्ट्र सरकार द्वारा जिनमणि सूरीश्वर को भारत रत्न की उपाधि से विभूषित करने का अनुमोदन किया। 

खरतरगच्छ युवा परिषद केयूप के राष्ट्रीय मुख्य सलाहकार सुरेश भन्साली , सचिन पारख व मेघराज कांकरिया ने राष्ट्ररत्न से विभूषित किये जाने की अनुमोदना की है । ट्रस्टी महेन्द्र कोचर ने आगे बताया कि गुरुदेव ने बाल्यावस्था में ही जैन भगवती दीक्षा ग्रहण की थी । 52 वर्षों की दीक्षाकाल में गुरुदेव ने  हजारों किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए सामाजिक कुरीतियों , सामाजिक एकता , स्कूलों की स्थापना के साथ ही 300 से ज्यादा जिनमंदिरों की प्रतिष्ठा 160 आत्माओं को भगवती दीक्षा प्रदान कर जिनशासन की महती प्रभावना की है । आपके कुशल नेतृत्व में खरतरगच्छ की कल्पनातीत वृद्धि हुई है । साधु साध्वियों की साधना आराधना में अभिवृद्धि हुई है । राष्ट्रीयता की भावना से ओतप्रोत आपकी ओजस्वी वाणी से समग्र जनमानस में एकता का संचार हुआ है। 

सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी के हजारों भक्तों ने एकस्वर में राष्ट्ररत्न उपाधि को अनुमोदित किया है , गुरुदेव के उपकारों के प्रति कृतज्ञता प्रकट की है । अध्यक्ष संतोष बैद व महासचिव महेन्द्र कोचर ने छत्तीसगढ़ के अध्यात्म योगी उपाध्याय भगवंत महेन्द्र सागर को जैसलमेर में आचार्य पद से विभूषित किये जाने को छत्तीसगढ़ का गौरव बताया है। आचार्य जिन महेन्द्र सागर सूरीश्वर ने वर्ष 2001 में दादागुरुदेव को साक्षी मानकर मरुधर ज्योति मणिप्रभा की उपस्थिति में जैन दीक्षा ग्रहण की थी। आचार्य गुरुदेव ने 23 शिष्यों के साथ छत्तीसगढ़ में विचरण कर जैन धर्म की प्रभावना की है। भौतिक शिक्षा को जैन धर्म से जोड़ते हुए संस्कारों के बीजारोपण के उद्देश्य से विचक्षण विद्यापीठ की स्थापना हेतु प्रेरणा दी। सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट ने आचार्य पदारोहण की अनुमोदना की है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button