इंडिगो के एक विमान के लिए एवरेज 8 पायलट:घरेलू एयरलाइंस में सबसे कम

नई दिल्ली, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने गुरुवार को संसद में बताया कि इंडिगो में पायलट-टू-एयरक्राफ्ट रेश्यो 7.6 है यानी एक विमान के लिए एवरेज 8 पायलट हैं। ये देश की अन्य घरेलू एयरलाइंस के मुकाबले सबसे कम है।

यह जानकारी नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लोकसभा में लिखित जवाब में दी। दरअसल एक विमान दिन-भर में कई उड़ानें करता है और पायलटों को आराम भी देना होता है, इसलिए एक विमान के लिए कई पायलट होते हैं।

आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा अनुपात स्पाइसजेट में है। यहां हर एयरक्राफ्ट के लिए 9.4 पायलट का रेश्यो है। इसके बाद अकासा एयर में यह अनुपात 9.33 पायलट प्रति एयरक्राफ्ट है। वहीं एअर इंडिया में प्रति एयरक्राफ्ट 9.1 पायलट हैं, जबकि उसकी सहायक कंपनी एअर इंडिया एक्सप्रेस में यह अनुपात 8.8 है।

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पीटर एलबर्स ने 10 मार्च को पद से इस्तीफा दिया था। दिसंबर 2025 में फ्लाइट ऑपरेशन में गड़बड़ी हुई थी। उस दौरान करीब 3 लाख यात्री प्रभावित हुए थे, जिसके बाद एविएशन रेगुलेटर DGCA ने एयरलाइन पर ₹22.20 करोड़ का भारी जुर्माना भी लगाया था।

इंडिगो में कुल 5,200 पायलट

मुरलीधर ने बताया कि एअर इंडिया एक्सप्रेस ने सबसे ज्यादा 48 विदेशी (एक्सपैट) पायलट नियुक्त किए हैं। इंडिगो ने 29 विदेशी पायलट हायर किए हैं। इंडिगो में कुल 5,200 पायलट हैं, जिनमें 970 महिला पायलट शामिल हैं। एअर इंडिया में 3,123 पायलट हैं, जिनमें 508 महिलाएं हैं।

एअर इंडिया एक्सप्रेस में कुल 1,820 पायलट हैं, जिनमें 234 महिलाएं हैं। वहीं अकासा एयर में 761 पायलट हैं, जिनमें 76 महिला पायलट शामिल हैं। स्पाइसजेट में कुल 375 पायलट हैं, जिनमें 58 महिलाएं हैं।

टोल कलेक्शन 61 हजार करोड़ के पार

देश में राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) से होने वाली टोल वसूली 61 हजार करोड़ के पार हो गई है। पांच साल में इसमें करीब 120% की बढ़ोतरी हुई है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि देश में टोल कलेक्शन में पांच वर्षों में लगातार और बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है। 2024-25 में यह राशि 61,408.15 करोड़ रुपए रही। आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2020-21 में 27,926.67 करोड़ रुपए टोल वसूला गया था। सरकार ने बताया है कि टोल की दरें महंगाई से जुड़ी होती हैं।

ईरान में 9,000 भारतीय नागरिक, सरकार ने सावधानी बरतने की सलाह दी

सरकार ने संसद को बताया है कि अभी ईरान में करीब 9,000 भारतीय नागरिक रह रहे हैं। इनमें छात्र, कारोबार करने वाले लोग, फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर, तीर्थयात्री, नाविक और मछुआरे शामिल हैं।

विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने राज्यसभा में कहा कि तेहरान में भारतीय दूतावास ने सभी भारतीयों को सावधानी बरतने, हालात की जानकारी लेते रहने और दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी है।

सरकार ने बताया कि मौजूदा हालात को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में एक विशेष नियंत्रण कक्ष शुरू किया है और दूतावास ने आपातकालीन सहायता फोन और ई-मेल सेवा भी शुरू की है। जो भारतीय वापस भारत आना चाहते हैं, उनकी मदद के लिए दूतावास व्यवस्था कर रहा है।

पश्चिम एशिया में तनाव तब बढ़ा जब अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर सैन्य हमला किया, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई।

इंडिगो के CEO पीटर एलबर्स का इस्तीफा:दिसंबर में फ्लाइट ऑपरेशन में गड़बड़ी हुई थी, ₹22 करोड़ जुर्माना लगा था

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