प्रियदर्शन ने बताया मैच से पहले उनकी फ्लॉप फिल्म देखते हैं विराट कोहली, बॉक्स ऑफिस पर रही ठप, कमाए 23 करोड़

भारतीय सिनेमा के कॉमेडी के उस्ताद अब कॉमेडी से डरने लगे हैं। कॉमेडी फिल्मों की बात करें तो प्रियदर्शन की बराबरी कर पाना किसी के लिए भी मुश्किल है। चार दशकों के फिल्ममेकिंग करियर में उन्होंने दर्जनों सदाबहार ह्यूमर से भरी फिल्में बनाई हैं, जिनमें से कई को बार-बार देखने का मन करता है। हालांकि, प्रियदर्शन अब इस बात से चिंतित हैं कि उनके पास अब नए आइडिया खत्म हो गए हैं।

फिर भी, उनके फैंस के लिए, प्रियदर्शन की फिल्म का कोई मुकाबला नहीं है, और यही बात क्रिकेटर और भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली पर भी लागू होती है। उन्होंने पिंकविला के साथ हाल ही में हुई बातचीत में बताया, ‘सच कहूं तो, अब मुझे गंभीर फिल्में बनाना पसंद है। मुझे अब कॉमेडी फिल्में बनाना पसंद नहीं है। मजबूरी में बनाना पड़ता है। मुझे लगता है कि मेरे पास अब नए आइडिया नहीं बचे हैं। मैं अब और नहीं कर सकता। मैं अतीत में जो किया है उसे दोहराना नहीं चाहता। मैं एक और कॉमेडी फिल्म बनाऊंगा।’

‘ढोल’ की असफलता बुरी लगी

उन्होंने यह भी बताया कि ‘ढोल’ (2007) और ‘खट्टा मीठा’ (2010) की असफलता ने उन्हें भावनात्मक रूप से प्रभावित किया था। हालांकि अब उन्हें खुशी है कि स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर इन फिल्मों को लोग मिल रहे हैं।

विराट कोहली के साथ प्रियदर्शन का काम

विराट कोहली ने भले ही सार्वजनिक रूप से प्रियदर्शन की फिल्में देखने की बात न कही हो, लेकिन उन्होंने पहले साथ काम किया है। फिल्ममेकर को आईपीएल फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के एक ऐड का निर्देशन करने के लिए चुना गया था, जिसमें विराट कोहली, क्रिस गेल और शेन वॉटसन नजर आए थे। विराट की एक्टिंग से प्रियदर्शन इतने प्रभावित हुए थे कि उन्होंने कहा था कि क्रिकेटर भविष्य में अभिनय में हाथ आजमा सकते हैं।

बिना बड़े स्टार के मिली तारीफ

अपनी फिल्मों में से ‘ढोल’ को अपनी पसंदीदा फिल्म बताते हुए, प्रियदर्शन ने एक इंटरव्यू में फिल्म की व्यावसायिक असफलता के बारे में बताया। उन्होंने मैशेबल इंडिया को बताया, ‘बॉलीवुड फिल्मों के बारे में मुझे जो बात नापसंद है, वह यह है कि कम से कम उस दौर में, जब आप बिना किसी बड़े स्टार के कुछ करने की कोशिश करते हैं, तो उसे वह सराहना नहीं मिलती जो मिलनी चाहिए।’

‘मालामाल वीकली’ हिट हो गई

उन्होंने आगे कहा, ‘सराहना बाद में ही मिलती है। यह निराशाजनक है। ढोल अब एक कल्ट फिल्म है।’ उन्होंने आगे बताया कि एकमात्र फिल्म जिसका परिणाम इसके उल्टा रहा, वह थी ‘मालामाल वीकली’ (2006), जो बिना किसी बड़े स्टार के भी जबरदस्त हिट रही।

क्यों चुनिंदा एक्टर्स संग करते हैं काम

इंटरव्यू के दौरान, प्रियदर्शन ने इस बारे में भी बात की कि वह अपने एक्टर्स को बार-बार क्यों चुनते हैं। इस पर वो बोले, ‘अक्षय कुमार की एक खास बॉडी लैंग्वेज है जिसे मैं समझता हूं। यही बात परेश रावल और राजपाल यादव के बारे में भी कही जा सकती है। मुझे उनका अभिनय बहुत पसंद है। वे ठीक वही देते हैं जिसकी मुझे उम्मीद होती है। कॉमेडी करना बहुत मुश्किल होता है, खासकर टाइमिंग की वजह से। गोविंदा के पास वह टाइमिंग है, और शाहरुख खान के पास भी कुछ हद तक है।’

‘ढोल’ का कलेक्शन

‘ढोल’ की बात करें तो ये फिल्म 2007 में रिलीज हुई थी और इसमें तुषार कपूर, शरमन जोशी, राजपाल यादव सहित कुणाल खेमू और तनुश्री जैसे तगड़े स्टार्स थे। फिल्म ने भारत में बॉक्स ऑफिस पर केवल 15 करोड़ की कमाई की थी और दुनियाभर में इसने 23 करोड़ कमाए थे।

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