‘जन नायकन’ विवाद में कूदे पवन कल्याण, थलपति विजय और मेकर्स को दी नसीहत- कोर्ट नहीं जाना चाहिए था

थलपति विजय इस वक्त अपनी फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज को लेकर विवाद में फंसे हैं। यह फिल्म कुछ महीनों से सर्टिफिकेट को लेकर सेंसर बोर्ड के पास फंसी है। अब इस पर एक्टर और आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने रिएक्ट किया है। उन्होंने कहा है कि फिल्म की रिलीज में देरी के लिए मौजूदा एनडीए सरकार को दोष देना ठीक नहीं है। साथ ही कहा कि ‘जन नायकन’ के मेकर्स को कोर्ट नहीं जाना चाहिए था। मालूम हो कि कुछ समय पहले ‘जन नायकन’ के मेकर्स ने दावा किया था कि फिल्म की रिलीज में देरी का कारण सरकार से जुड़ा हो सकता है। पर पवन कल्याणा ने इन दावों को खारिज करते हुए एक इंटरव्यू में कहा कि इस परेशानी के लिए किसी और को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है।

मालूम हो कि थलपति विजय की ‘जन नायकन’ 9 जनवरी 2026 को रिलीज होनी थी, लेकिन तभी से यह फिल्म सेंसर सर्टिफिकेट को लेकर अटकी हुई है। सेंसर बोर्ड को फिल्म के कुछ सीन्स पर आपत्ति थी। सेंसर बोर्ड ने मेकर्स को फिल्म से वो सीन्स हटाने का निर्देश दिया था और कहा था कि वो सीन्स ज्यादा सेंसिटिव हैं। इसी को लेकर ‘जन नायकन’ के मेकर्स और सेंसर बोर्ड के बीच विवाद बढ़ गया। दो महीने से भी ज्यादा वक्त हो चुका है, पर ‘जन नायकन’ की रिलीज का कुछ पता नहीं है।

पवन कल्याण बोले- सरकार को दोषी ठहराना गलत

इस बीच पवन कल्याण ने फिल्म के सेंसर विवाद पर बात की, और Thanthi TV को दिए इंटरव्यू में कहा, ”जन नायकन’ का मुद्दा सेंसर बोर्ड के स्तर पर ठीक से नहीं निपटाया गया। वो इसके लिए एनडीए को दोषी ठहरा रहे हैं, और यह सही नहीं है।’

पवन कल्याण ने अपनी फिल्म OG का दिया उदाहरण, मिला था A सर्टिफिकेट

पवन कल्याण ने इसके बाद अपनी फिल्म OG का उदाहरण दिया, और बताया कि कैसे सेंसर बोर्ड ने उसे A सर्टिफिकेट दिया था। वह बोले, ‘मेरे प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर ने कहा कि आप एनडीए का हिस्सा हैं, और आपकी फिल्म को A सर्टिफिकेट दिया गया है। तो मैंने उनसे पूछा कि इतनी हिंसा दिखाए जाने के बावजूद वो U/A सर्टिफिकेट की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? मैंने उनसे कहा कि नियम तो नियम होता है और इसे सत्ताधारी सरकार के सदस्यों के लिए नहीं बदला जा सकता।’

पवन कल्याण बोले- गवर्नेंस और सेंसरशिप दो अलग संस्थाएं

पवन कल्याण ने यह भी बताया कि OG के मेकर्स ने इस उम्मीद में दोबारा सेंसर बोर्ड में फिल्म सब्मिट की थी कि कभी U/A सर्टिफिकेट मिल जाए। वह बोले, ‘फिर भी CBFC ने फिल्म को A सर्टिफिकेट दे दिया। अगर मैं अपने कॉन्टैक्ट्स का इस्तेमाल करके सेंसर बोर्ड को प्रभावित भी करता, तो वो मुझे साफ-साफ बता देते कि गवर्नेंस और फिल्म सेंसरशिप को आपस में जोड़ा नहीं जा सकता और ये अलग-अलग संस्थाएं हैं।’

”जन नायकन’ के मेकर्स को कोर्ट नहीं जाना चाहिए था’

यही नहीं, पवन कल्याण ने फिर बताया कि कैसे सेंसर बोर्ड ने उन्हें एक गाने के लिरिक्स बदलने का निर्देश दिया था। वह बोले, ‘ऐसा सभी के साथ होता है। ‘जन नायकन’ के मेकर्स को समाधान के लिए कोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटाना चाहिए था। वो इस मामले के लिए एनडीए सरकार को कैसे दोषी ठहरा सकते हैं? अगर वो कोर्ट नहीं जाते, तो कहानी बिलकुल अलग होती। एक बार मामला कोर्ट में चला जाए, तो फैसला लीगल सिस्टम के हाथ में होता है।’

‘जन नायकन’ पर कब और कैसे शुरू हुआ विवाद?

मालूम हो कि ‘जन नायकन’ पर सेंसर विवाद शुरू होने के बाद मामले की पहली सुनवाई मद्रास हाईकोर्ट में 9 जनवरी को हुई थी। इसमें कोर्ट की सिंगल जज बेंच ने CBFC को निर्देश दिया था कि फिल्म को U/A सर्टिफिकेट जारी किया जाए। लेकिन सेंसर बोर्ड ने इस फैसले को चुनौती दी और मांग की कि ‘जन नायकन’ की दोबारा जांच के लिए एक रिवाइजिंग कमिटी बनाई जाए और साथ ही एक रिट याचिका दायर की थी। इसके बाद मद्रास हाईकोर्ट ने ‘जन नायकन’ की रिलीज पर रोक लगा दी और अगली सुनवाई की तारीख 21 जनवरी तय की थी।

9 मार्च को रखी गई थी स्क्रीनिंग, वो भी कैंसिल हो गई

इसके बाद से सेंसर बोर्ड और ‘जन नायकन’ के मेकर्स के बीच विवाद लगातार बढ़ता ही चला गया और रिलीज अटक गई। इसके बाद मेकर्स ने कोर्ट से सेंसर बोर्ड के खिलाफ किया केस वापस ले लिया ताकि विवाद सुलझा सकें और रिवाइजिंग कमिटी के पास गए। तय किया गया कि 9 मार्च को ‘जन नायकन’ की स्क्रीनिंग रखी जाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिवाइजिंग कमिटी के एक सदस्य के बीमार होने के कारण फिल्म की स्क्रीनिंग कैंसिल कर दी गई, और फिल्म की दोबारा जांच की प्रोसेस और डिले हो गई।

‘जन नायकन’ थलपति विजय की आखिरी फिल्म

‘जन नायकन’ थलपति विजय की आखिरी फिल्म है। इसके बाद वह पूरी तरह से राजनीति में एक्टिव जाएंगे। फिल्मों से संन्यास की घोषणा वह काफी पहले ही कर चुके थे। ‘जन नायकन’ में वासुदेव मेनन, प्रकाश राज, नारायण और पूजा हेगड़े भी हैं। फिल्म को एच विनोद ने डायरेक्ट किया है। वहीं, पवन कल्याण अपनी फिल्म ‘उस्ताद भगत सिंह’ को लेकर चर्चा में हैं, जो 19 मार्च को ‘धुरंधर 2’ के साथ रिलीज होगी।

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