ईरान में बंद होगा युद्ध? ट्रंप के दूत से ईरानी विदेश मंत्री की सीधी बातचीत का दावा, इजरायल भी सीजफायर को तैयार

वॉशिंगटन: अमेरिका-इजरायल गठबंधन और ईरान के बीच 18 दिन से चल रहे विनाशकारी युद्ध के रुकने की उम्मीद बंधी है। दोनों ओर से सार्वजनिक तौर पर आक्रामक बयानबाजी के बीच कथित तौर पर पर्दे के पीछे बातचीत शुरू हुई है। अमेरिका के पश्चिम एशिया के विशेष दूत और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक-दूसरे संपर्क साधा है। वहीं इजरायल ने भी ऐसे संकेत दिए हैं, जिससे लगता है कि उसके रुख में नरमी आई है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी भी पक्ष ने सीजफायर को लेकर कुछ नहीं कहा है।

एक्सियोस की रिपोर्ट ने एक अमेरिकी अधिकारी और इस मामले से परिचित सूत्र के हवाले से बताया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल के दिनों में सीधी बातचीत फिर शुरू की है। युद्ध शुरू होने से पहले इन दोनों अधिकारियों में बातचीत हो रही थी लेकिन 28 फरवरी के हमलों के बाद ये रुक गई।

इजरायल ने भी दिए बातचीत के संकेत

रिपोर्ट में बताया कि यह नहीं बताया गया है कि विटकॉक और आराघची के बीच किस तरह की बातचीत हुई है। ये इसलिए अहम है क्योंकि संघर्ष शुरू होने के बाद से दोनों पक्षों के बीच यह पहली सीधी बातचीत है। अमेरिकी अधिकारी और सूत्र के अनुसार, अराघची ने विटकॉफ को कुछ टेक्स्ट संदेश भेजे। इन संदेशों का मुख्य उद्देश्य युद्ध को समाप्त करना है।

भारत में इजरायल के राजदूत रुवेन अजार ने भी युद्ध में नरमी के संकेत दिए हैं। इजरायल ने संकेत दिया है कि अगर ईरान अपना रुख बदलता है तो वह शत्रुता समाप्त करने के लिए तैयार है। इजरायल की ओर से वह इस संकट का कूटनीतिक समाधान निकालने की बात कही गई है। अजार का बयान अहम है क्यों वह इजरायल के अगले एनएसए हो सकते हैं।

अराघची का बातचीत से इनकार

अमेरिकी अधिकारी ने एक्सियोस को बताया है कि अब्बास अराघची ने बातचीत शुरू करने की कोशिश की है। दूसरी ओर ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिकी दूत के साथ हालिया समय में किसी भी संपर्क से इनकार किया है। उनका कहना है कि विटकॉफ के साथ उनका आखिरी संपर्क ईरान पर हमले से पहले हुआ था।

डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा है कि ईरान ने अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क किया था। वे एक समझौता करना चाहते हैं। वे हमारे लोगों से बात कर रहे हैं लेकिन हमें कोई अंदाजा नहीं है कि वे कौन हैं। ट्रंप ने यह भी कहा है कि वे ईरान के साथ बातचीत के विरोधी नहीं हैं। कभी-कभी इससे अच्छी चीजें निकलकर आती हैं।

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