MP के प्राइवेट स्कूल फीस के नाम पर वसूल रहे डेवलपमेंट फंड, एलुमनी फंड और स्मार्ट क्लासेस Fee

 भोपाल: मध्यप्रदेश में निजी स्कूलों की फीस (MP Private Schools Fee Hike) को नियंत्रित करने के लिए फीस रेगुलेशन एक्ट लागू किया गया है, लेकिन इसके बावजूद स्कूलों की मनमानी पर रोक नहीं लग पा रही है। इस एक्ट के तहत निजी स्कूल नए शैक्षणिक सत्र में अधिकतम 10 प्रतिशत तक फीस बढ़ा सकते हैं। इससे अधिक वृद्धि के लिए उन्हें आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत कर अनुमति लेना अनिवार्य है।

नियमों का नहीं हो रहा पालन

वास्तविकता यह है कि कई निजी स्कूल इन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। फीस संरचना में पारदर्शिता का अभाव बना हुआ है और विभिन्न मदों के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है। राज्य शासन द्वारा विभिन्न शुल्क मद तय किए गए हैं, लेकिन स्कूल अपने स्तर पर अलग-अलग शुल्क जोड़ रहे हैं।

नया सत्र और बढ़ती चिंता

राजधानी के निजी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। हर साल की तरह इस बार भी विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए, लेकिन उसके बाद निगरानी की कमी साफ नजर आ रही है। इसका खामियाजा सीधे अभिभावकों को भुगतना पड़ रहा है।

40 से 50 हजार रुपये तक अतिरिक्त बोझ

निजी स्कूलों द्वारा अलग-अलग मदों में फीस वसूली के कारण अभिभावकों को 40 से 50 हजार रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। यह राशि सामान्य फीस के अलावा ली जा रही है, जिससे परिवारों का बजट प्रभावित हो रहा है।

पोर्टल पर अधूरी जानकारी

शिक्षा विभाग ने स्कूलों को 31 दिसंबर तक फीस संरचना और पाठ्यक्रम की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए थे। साथ ही 15 फरवरी तक सभी शुल्क मदों की जानकारी देना अनिवार्य था। इसके बावजूद राजधानी के 98 स्कूलों में से केवल 80 स्कूलों ने जानकारी अपलोड की, वह भी अधूरी रही।

विभिन्न मदों में शुल्क वसूली

निजी स्कूलों द्वारा एप्लीकेशन फार्म (650 रुपये), पंजीयन शुल्क (4350 रुपये), प्रवेश शुल्क (48 हजार रुपये), वार्षिक शुल्क (18 हजार रुपये), पुनः प्रवेश शुल्क (10 हजार रुपये), एलुमनी फंड (10 हजार रुपये), हेड डेवलपमेंट फंड (10 हजार रुपये), शिक्षण शुल्क (6000 रुपये मासिक), परीक्षा शुल्क (6000 रुपये), सिक्योरिटी फीस (5000 रुपये), काशन मनी (12 हजार रुपये), स्पोर्ट्स फीस (610 रुपये), कंप्यूटर फीस (500 रुपये), स्मार्ट क्लास फीस (300 रुपये), साइंस लैब फीस (700 रुपये) सहित कई मदों में शुल्क लिया जा रहा है।

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