डोनाल्ड ट्रंप का बातचीत का दावा सफेद झूठ? युद्ध रोकने के लिए ईरान ने रख दीं 6 बड़ी शर्तें, अमेरिका घुटने टेकने पर होगा मजबूर?

तेहरान: डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को बड़ा ऐलान करते हुए ईरान के ऊर्जा ढांचे पर 5 दिन तक हमले न करने की घोषणा कर दी। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत चल रही है और कहा कि इसमें एक बेहद सम्मानित ईरानी आधिकारी इसमें शामिल थे। लेकिन ईरान ने कहा है कि उसकी अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है। इतना ही नहीं ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के सामने शर्तों की लिस्ट रख दी है।
ईरान ने मांगा नुकसान का मुआवजा
ईरान से सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसिन रजाई ने कहा, युद्ध तब तक जारी रहेगा, जब तक ईरान को हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो जाती और उस पर लगे प्रतिबंध हटा नहीं दिए जाते। रजाई ने जोर देकर कहा कि ईरान चाहता है कि उसे अंतरराष्ट्रीय गारंटी दी जाए कि अमेरिका इस्लामिक गणराज्य के अंदरूनी मामलों में दखल नहीं देगा।
ईरान की युद्ध खत्म करने के लिए शर्त
1- ईरान, लेबनान और इराक में एक साथ युद्धविराम हो। ईरान के खिलाफ दोबारा हमले न हो होने की गांरटी और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बंद करने की मांग की है।
ईरान ने ट्रंप के दावे को बताया झूठा
ईरान ने ट्रंप के साथ किसी भी बातचीत से इनकार किया है और कहा कि यह बयान बाजारों को स्थिर करने और उस दलदल से बाहर निकलने के लिए किया जा रहा है, जिसमें अमेरिका और इजरायल फंसे हुए हैं। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने बताया कि ईरान के हमलावरों के लिए पूरी और याद रखने वाली सजा दिए जाने की मांग करत रहे हैं और सभी अधिकारी अपने सुप्रीम लीडर और लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं।





