वीवीआईपी फ्लाइट्स- पायलट पर दबाव नहीं डाल सकते नेता

नई दिल्ली, VIP और VVIP (जैसे मुख्यमंत्री, राज्यपाल आदि) को ले जाने वाले नॉन-शेड्यूल्ड विमान और हेलिकॉप्टर ऑपरेटर्स के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। DGCA ने साफ कहा है कि फ्लाइट क्रू पर किसी भी तरह का दबाव नहीं डाला जाए, ताकि सुरक्षा से समझौता न हो।

DGCA के मुताबिक वीआईपी की जरूरत के नाम पर आखिरी वक्त में होने वाले बदलाव सीधे क्रू से नहीं, सिर्फ ऑपरेटर्स मैनेजमेंट के जरिए ही कराए जाएं। मौसम से जुड़े नियमों का पालन करना होगा। क्रू के फैसले का सम्मान करना होगा।

नई गाइडलाइन में ध्यान रखा गया है कि वीआईपी मूवमेंट के चक्कर में पायलट थकावट का शिकार न हों। अब अगर कोई नेता दबाव डालता है, तो पायलट सीधे मना कर सकता है और उसकी जवाबदेही ‘मैनेजमेंट’ की होगी, न कि व्यक्तिगत पायलट की।

दरअसल, 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट पर प्लेन क्रैश में अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हुई थी। जिसके बाद से DGCA ने वीआईपी मूवमेंट्स को लेकर नियमों में बदलाव किया है।

अजित पवार प्लेन हादसे में बेंगलुरु में जीरो FIR दर्ज की गई

महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत के मामले में बेंगलुरु में जीरो FIR दर्ज की गई है। FIR उनके भतीजे और एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार की शिकायत पर दर्ज हुई है। उन्होंने हादसे को आपराधिक साजिश बताया है। उन्होंने FIR में 5 मुख्य आरोप लगाए हैं।

रोहित ने कहा कि उन्होंने मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन, बारामती पुलिस और महाराष्ट्र CID से संपर्क किया, लेकिन कहीं भी FIR दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने 23 मार्च को बेंगलुरु में जीरो पर FIR दर्ज कराई।

जहां अपराध हुआ है उसे छोड़कर देश के किसी भी थाने में उस अपराध की FIR दर्ज कराई जाती है तब उसे जीरो FIR कहते हैं। इसे फिर संबंधित थाने में ट्रांसफर कर दिया जाता है। कर्नाटक पुलिस ने केस दर्ज कर इसे महाराष्ट्र पुलिस को ट्रांसफर कर दिया है।

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