MP के 55 जिलों में 65 हजार स्थानों पर प्रॉपर्टी की दरों में बढ़ोतरी, निर्माण की दरें भी बढ़ाईं

भोपाल। मध्यप्रदेश में प्रॉपर्टी खरीदना और घर बनाना लगातार महंगा होता जा रहा है। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ एक अप्रैल से लागू होने जा रही नई गाइडलाइन ने आम लोगों के ‘अपने घर’ के सपने पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।

केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा प्रदेश के 55 जिलों में बड़ी संख्या में जमीन और निर्माण दरों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है। इसका सीधा असर रजिस्ट्री, स्टांप ड्यूटी और निर्माण लागत पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ोतरी से मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदना और बनवाना पहले से अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।

65 हजार स्थानों पर दरें बढ़ीं

प्रदेश में एक लाख पांच हजार स्थानों में से करीब 65 हजार स्थानों पर प्रॉपर्टी की दरों में वृद्धि की गई है। इन पर औसतन 16 प्रतिशत तक बढ़ोतरी लागू की जा रही है। यह नई दरें एक अप्रैल से प्रभावी होंगी, जिससे जमीन और मकानों की कीमतों में सीधा इजाफा होगा। हालांकि 38 हजार 396 स्थान ऐसे भी हैं, जहां दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

निर्माण लागत में भी बड़ा इजाफा

सिर्फ जमीन ही नहीं, बल्कि मकान निर्माण की लागत भी बढ़ा दी गई है। शासन ने निर्माण दरों में करीब एक हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की है। नगर निगम क्षेत्रों में निर्माण दर 13 हजार से बढ़ाकर 14 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर कर दी गई है, जो लगभग 7 प्रतिशत वृद्धि है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 6 हजार से बढ़ाकर 7 हजार रुपये कर दी गई है, यानी 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी। इससे घर बनवाना आम लोगों के लिए और महंगा हो जाएगा।

रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी पर असर

प्रॉपर्टी की वैल्यू बढ़ने का सीधा असर रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी पर पड़ेगा। जैसे-जैसे गाइडलाइन दरें बढ़ेंगी, वैसे-वैसे रजिस्ट्री शुल्क भी अधिक देना होगा। इससे खरीदारों का कुल खर्च बढ़ जाएगा और बजट पर दबाव बढ़ेगा।

राजधानी में भी भारी बढ़ोतरी

राजधानी भोपाल सहित अन्य जिलों से आए प्रस्तावों को मंजूरी देते हुए यहां भी औसतन 12 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। हालांकि शहर के 740 स्थानों पर यह बढ़ोतरी 1 प्रतिशत से लेकर 181 प्रतिशत तक दर्ज की गई है, जो कुछ इलाकों में प्रॉपर्टी को बेहद महंगा बना देगी।

हर साल बढ़ रही औसत दर

प्रदेश में हर साल प्रॉपर्टी की औसत दरों में वृद्धि का सिलसिला जारी है। पिछले वर्ष जहां यह वृद्धि 13 प्रतिशत थी, वहीं इस बार इसे बढ़ाकर 16 प्रतिशत कर दिया गया है। यानी औसतन तीन प्रतिशत अतिरिक्त बढ़ोतरी की गई है।

आम लोगों के सपनों पर असर

प्रॉपर्टी और निर्माण लागत में लगातार बढ़ोतरी से आम आदमी के लिए घर खरीदना और बनवाना मुश्किल होता जा रहा है। बढ़ती कीमतों के चलते अब लोगों को अपने बजट में बदलाव करना पड़ेगा या फिर घर खरीदने के फैसले को टालना पड़ सकता है।

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