एक्‍टर राजेश कुमार ने सब्‍जी बेच चुकाया करोड़ों का कर्ज, US वाली बहनों ने नौकरी छोड़ी, अब बिहार में खेती

एक्टर राजेश कुमार को ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ के मशहूर रोशेश के किरदार के लिए जाना जाता है। कुछ साल पहले वो तब सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने अभिनय छोड़कर खेती करने का फैसला किया था। फिल्म इंडस्ट्री की सुख-सुविधाओं को पीछे छोड़कर, एक्टर अपने गांव बिहार लौट आए और जैविक खेती में हाथ आजमाया। एक ऐप लॉन्च किया, जैविक उपज बेचने की कोशिश की और एक बार तो अपने बेटे के स्कूल के बाहर सब्जी का ठेला भी लगाया। उन्होंने पहले खुलासा किया था कि उन पर 2 करोड़ रुपये का कर्ज था। हालांकि राजेश अभिनय में वापस लौट आए हैं लेकिन खेती के प्रति अपने जुनून को नहीं छोड़ा है। उन्होंने हाल ही में एक चौंकाने वाली बात बताई कि उनकी बहनें, जो 25 साल से अधिक समय से अमेरिका और फिनलैंड में बसी हुई हैं, उन्होंने भी अपनी अच्छी-खासी नौकरियां छोड़कर खेती में उनका साथ देने का फैसला किया है।

बॉलीवुड बबल से बात करते हुए राजेश कुमार ने बताया, ‘मैं आपको एक बहुत ही मजेदार किस्सा सुनाता हूं। जब मुझे खेती-बाड़ी में दिलचस्पी होने लगी, तो मेरी बहनों ने – जो पिछले 25 सालों से अमेरिका और फिनलैंड की नागरिक हैं, मेरे साथ आने का फैसला किया। इस साल जनवरी में मेरे 50वें जन्मदिन के आस-पास, मेरी बड़ी बहन, जो मुझसे चार साल बड़ी हैं, उसने अमेरिका में अपनी नौकरी छोड़ दी और भारत आ गईं।’

गांव में अभी भी आता है 2G इंटरनेट

हालांकि, यह बदलाव चुनौतियों से भरा रहा है। उन्होंने कहा, ‘अब लोग फोन करके शिकायत करते हैं कि हमारे गांव में इंटरनेट ठीक से नहीं मिल रहा है। हम अभी भी 2G कनेक्टिविटी पर हैं। जब उन्होंने अधिकारियों से संपर्क किया, तो उन्हें बताया गया कि 5G आने में काफी समय लगेगा।’

राजेश पर बचा है 10-15% का कर्ज

इसी बातचीत में राजेश ने अपने खेती के कारोबार को बढ़ाने की कोशिश में आई आर्थिक परेशानियों के बारे में भी बताया। दोस्तों को ताजी, जैविक सब्जियां सप्लाई करने का उनका शौक आखिरकार 2 करोड़ रुपये से ज्यादा के नुकसान में बदल गया। फैंस को भरोसा दिलाते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं अब उस आर्थिक संकट से बाहर आ चुका हूं। अब सिर्फ 10-15% कर्ज ही बचा है। जल्द ही मैं लोगों को कुछ नया पेश करने वाला हूं – जो खेती से जुड़ा तो होगा, लेकिन कुछ हटकर होगा।’

बाढ़ में नष्ट हुए 15,000 पौधे

 उन्होंने 2019 में पालघर में 20 एकड़ जमीन किराए पर ली थी। उनकी शुरुआती कोशिशों को उस समय बड़ा झटका लगा जब अचानक आई बाढ़ में 15,000 से अधिक पौधे नष्ट हो गए।

बेटे के स्कूल के बाहर बेची सब्जी

उन्होंने आगे बताया कि खेती करने की उनकी तीन कोशिशें नाकाम रहीं और बोले, ‘आखिरकार, मैंने अपने बेटे के स्कूल के बाहर एक छोटी सी मेज लगाई और सब्जियां बेचना शुरू कर दिया। उसी समय मेरी किश्तें बाउंस होने लगीं। क्रेडिट कार्ड एजेंट घर आने लगे। मुझ पर बहुत कर्ज चढ़ गया था। हमें खेत छोड़कर जाना पड़ा।’

बैंक अकाउंट में बचे थे केवल ढाई हजार

उस मुश्किल दौर को याद करते हुए उन्होंने आगे कहा, ‘एक समय ऐसा भी था जब शूटिंग के लिए यूके में रहते हुए मेरे बैंक खाते में सिर्फ 2,500 रुपये बचे थे। उन 24 दिनों में मैं दो बार यूके आया-गया, लेकिन अपने बच्चों के लिए चॉकलेट तक नहीं ला पाया।’

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