गुजरात के नवसारी में हुई थी लूटपाट और फायरिंग, एयरोनॉटिकल इंजीनियर समेत 3 गिरफ्तार

अहमदाबाद: गुजरात के नवसारी में एक ज्वेलरी की दुकान में लूट और फायरिंग मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन सभी आरोपियों में एक एयरोनॉटिकल इंजीनियर भी शामिल है। बताया जा रहा है कि आरोपी इंजीनियर ने ISRO में इंटर्नशिप की थी और उसका चोरी के मामलों का इतिहास रहा है। इस घटना में दुकान के मालिक को दो गोलियां मारी गई थीं, जिससे वह घायल हो गया था।

सभी आरोपी वलसाड के रहने वाले

सभी आरोपियों की अगुवाई उमंग वछानी, रजनीकांत मकवाना और मनोज सूर्यवंशी कर रहे थे। ये आरोपी वलसाड के रहने वाले हैं। सभी आरोपियों को नवसारी लोकल क्राइम ब्रांच, एसओजी, साइबर क्राइम यूनिट और बिलिमोरा पुलिस की टीमों ने धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, आरोपी उमंग और रजनीकांच लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए ‘चंचल ज्वेलर्स’ में घुसे, जबकि मनोज बाहर कार में इंतजार कर रहा था। आरोपियों की यह कोशिश तब नाकाम हो गई, जब दुकान के मालिक अशोक कटारिया ने उनका विरोध किया और शोर मचा दिया। जब वे वहां से भाग रहे थे, तो आरोप है कि उमंग वछानी ने अशोक कटारिया पर दो गोलियां चलाईं, जिससे वह घायल हो गए।

घर लौटने के लिए किराए की गाड़ी का इस्तेमाल

नवसारी के पुलिस अधीक्षक राहुल पटेल ने टाइम्स को बताया कि आरोपियों का पता लगाने के लिए जांचकर्ताओं ने लगभग 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। भागने के लिए इस्तेमाल की गई कार आखिरकार चिखली के एक औद्योगिक इलाके में मिल गई, जिसके बाद उन्हें वलसाड से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि तीनों ने गाड़ी की नंबर प्लेट हटाकर और उसे एक खदान में छोड़कर अपने निशान मिटाने की कोशिश की थी। मुख्य सड़क पर पहुंचने से पहले उन्होंने अपने कपड़े और जूते-चप्पल बदल लिए थे और बाद में घर लौटने के लिए एक किराए की गाड़ी का इस्तेमाल किया।

दो महीनें से डकैती का बना रहे थे प्लान

शुरुआती जांच से पता चलता है कि उमंग वछानी ने पिछले दो महीनों में इस डकैती की योजना बनाई थी और रजनीकांत मकवाना के साथ मिलकर दुकान की रेकी भी की थी। आरोप है कि इस दौरान उसके पास एक हथियार भी था। पुलिस इस हथियार के स्रोत और दुकान को निशाना बनाने के पीछे के मकसद की जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि उमंग वछानी के पास अहमदाबाद स्थित एक यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की डिग्री है। आरोपी अपने छात्र जीवन के दौरान भी चोरी के कई मामलों में शामिल रहा है।

आरोपी ने की थी ISRO में इंटर्नशिप

जानकारी के अनुसार, उमंग वछानी ने 2022 में अहमदाबाद स्थित सिल्वर ओक यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में अपनी बैचलर डिग्री पूरी की। इसके बाद उसने ISRO की अहमदाबाद यूनिट में सात महीने की इंटर्नशिप की और फिर 2023 के आखिर में एक निजी एयरोस्पेस कंपनी में काम शुरू किया, जहां उसने लगभग एक साल तक काम किया। पुलिस ने बताया कि उमंग वछानी का आपराधिक इतिहास रहा है और 2023 से अब तक अहमदाबाद में वाहन चोरी के 11 मामलों में उसके खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। ये मामले सैटेलाइट, नवरंगपुरा, घाटलोडिया, वडाज, गुजरात यूनिवर्सिटी और वस्त्रपुर पुलिस स्टेशनों में दर्ज किए गए थे।

पुलिस मामले की जांच कर रही

शुरुआती जांच के दौरान, पुलिस ने बताया कि उमंग ने कथित तौर पर अपनी शिक्षा और तकनीकी ज्ञान का इस्तेमाल करके इस अपराध की योजना बनाई थी। माना जा रहा है कि उसने वेब सीरीज से प्रेरणा ली थी और अपनी पहचान छिपाने के लिए मास्क और दस्तानों जैसी चीजें ऑनलाइन मंगवाई थीं। पुलिस ने बताया कि वह ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों में भी शामिल था। जांचकर्ता लूट की कोशिश के पीछे के असली मकसद की जांच कर रहे हैं, क्योंकि आरोपी ने अलग-अलग बयान दिए हैं। जौहरी से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या आरोपी उमंग से उसकी कोई पुरानी जान-पहचान थी।

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