संवरेगा भोपाल का ‘नगीना’, छोटे और शाहपुरा तालाब के सुंदरीकरण पर खर्च होंगे 11.5 करोड़ रुपये

भोपाल। छोटे तालाब और शाहपुरा तालाब को सुरक्षित करने और सुंदरीकरण के लिए नगर निगम ने व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के बाद काम भी शुरू करा दिया है। दोनों ही तालाबों के सुंदरीकरण पर नगर निगम का झील प्रकोष्ठ द्वारा करीब साढ़े 11 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। तालाबों में दशकों से जमा कचरे और मिट्टी के कारण तालाबों की गहराई कम हो गई थी, जिसे निकाला जाएगा। निगम प्रशासन ने वैज्ञानिक तरीके से गाद हटाने का निर्णय लिया है।
तालाबों को संरक्षित करने के लिए पिचिंग का काम भी किया जाना है, लेकिन छोटे तालाब को वेटलैंड का हिस्सा होने की वजह से यहां पक्का निर्माण न करते हुए निगम पत्थरों को बिछाकर पिचिंग करा रहा है। तालाबों में मिलने वाले सीवेज के गंदे पानी को उपचारित करने के बाद ही तालाबों में छोड़ा जाएगा।
छोटा तालाब के 1.4 किमी में होगी पिचिंग
छोटे तालाब पर करीब 4.97 करोड़ रुपये की लागत से काम चल रहा है। करीब 1.4 किलोमीटर एरिया में कई जगह पर पुरानी पिचिंग उखड़ गई है, उसकी जगह पर नई पिचिंग बनाई जा रही है। डीसिल्टिंग कर तालाब के तल में जमी गाद को बाहर निकाला जाएगा। पांच नए फव्वारे भी लगाए जाएंगे।
प्रोफेसर कॉलोनी वाले एरिया में नया पाथवे बनाया जाएगा और उसके किनारे पर पौधे लगेंगे। वर्तमान में बाणगंगा नाले से सीवेज सीधे मिलकर पानी को गंदा कर रहे पानी को उपचारित करने के लिए सीवेज प्रकोष्ठ 10 एमएलडी का एसटीपी लगाएगा।
शाहपुरा तालाब के पास नया पार्क होगा विकसित
शाहपुरा तालाब में भी इसी तरह डीसिल्टिंग कर गाद निकाली जाएगी और किनारों पर पिचिंग की जाएगी। यहां एक फव्वारा पहले से लगा हुआ है, जबकि सात नए फव्वारे लगाने का प्रस्ताव है। पंचशील नाला और चूनाभट्टी नाला के पानी के उपचार की व्यवस्था की जाएगी। तालाब के आसपास पाथवे का निर्माण, पौधरोपण और विद्युत व्यवस्था की जाएगा। बंसल अस्पताल के पास एक नया पार्क भी विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब साढ़े छह करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।





