‘सही दवा – शुद्ध आहार‘ अभियान के तहत सूरजपुर जिले में औषधि प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण

सूरजपुर। राज्य शासन एवं नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ तथा कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देशानुसार सूरजपुर जिले में ष्सही दवा दृ शुद्ध आहारष् अभियान चलाया जा रहा है। यह विशेष अभियान दिनांक 27 अप्रैल 2026 से 11 मई 2026 तक लगातार जारी रहेगा। अभियान का प्रमुख उद्देश्य राज्य में सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं मानकयुक्त दवाओं एवं खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा अनियमितताओं पर सख्त कार्यवाही करना है।
संयुक्त टीम ने किया मेडिकल स्टोरों का सघन निरीक्षण :
अभियान के परिपालन में सहायक संचालक (औषधि) राम ब्रिजेश प्रजापति, औषधि निरीक्षक अमरेश तिर्की एवं औषधि निरीक्षक जय प्रकाश शर्मा की संयुक्त टीम द्वारा दिनांक 29 अप्रैल 2026 को सूरजपुर जिले के कई औषधि प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोरों में औषधियों के क्रय-विक्रय रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की गई। औषधियों की गुणवत्ता, उनके भंडारण की स्थिति तथा निर्धारित मानकों के अनुपालन की भी पड़ताल की गई।
तीन प्रकार की औषधियां की गईं फ्रीज :
निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर में अनियमितता पाए जाने पर 3 प्रकार की औषधियों को फ्रीज किया गया। मेडिकल स्टोर संचालकों को कड़ाई से निर्देशित किया गया कि वे मेडिकल स्टोर का संचालन पूर्णतः नियमानुसार करें तथा चिकित्सक की पर्ची के आधार पर ही औषधियों का विक्रय सुनिश्चित करें। बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाओं के विक्रय पर सख्त कार्यवाही की चेतावनी भी दी गई।
नियमों के उल्लंघन पर होगी कठोर कार्यवाही :
औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान के तहत जिले के समस्त मेडिकल स्टोरों, थोक औषधि विक्रेताओं तथा खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच की जाएगी। नियमों के उल्लंघन, अमानक औषधियों के विक्रय तथा बिना चिकित्सक की पर्ची के दवाओं के विक्रय जैसी अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत कठोर कार्यवाही की जाएगी।
आम नागरिकों से सहयोग की अपील :
जिला प्रशासन ने जिले के समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत मेडिकल स्टोरों से ही चिकित्सक की पर्ची के आधार पर दवाइयां क्रय करें। दवाओं की गुणवत्ता, भंडारण अथवा विक्रय में किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना औषधि प्रशासन विभाग को दी जा सकती है। साथ ही मेडिकल स्टोर संचालकों एवं खाद्य व्यवसायियों से आग्रह किया गया है कि वे शासन के निर्देशों का पूर्ण पालन करते हुए जनहित में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।





