4667 करोड़ के नेशनल हाईवे पर दिल्ली में आज बैठक

एमपी की 4667 करोड़ की सड़क परियोजनाओं को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की चिट्‌ठी के बाद आज मुख्यमंत्री और पीडब्ल्यूडी मंत्री दिल्ली में बैठक करेंगे। भूमि अधिग्रहण और वन विभाग की अनुमति नहीं मिल पाने के चलते एमपी की दस सड़क परियोजनाओं को मंजूरी मिलने और टेंडर प्रोसेस होने के बाद भी काम शुरू नहीं हो सका है। बैठक में इन समस्याओं के निराकरण को लेकर चर्चा करने के साथ एमपी के अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों को लेकर भी चर्चा की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विस्तार को नई गति देने के लिए आज नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में बैठक होगी। नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम परिसर में शाम 5 बजे होने वाली बैठक में मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा होगी। इससे केन्द्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय को और अधिक मजबूती मिलेगी।

समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह, मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) एवं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहेंगे। बैठक में मध्यप्रदेश में संचालित एवं प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी। विशेष रूप से वे परियोजनाएं जो भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण एवं वन स्वीकृतियों अथवा अन्य कारणों से प्रभावित या लंबित हैं, उन पर विस्तार से चर्चा कर समाधान पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे निर्माण कार्यों को शीघ्र शुरू किया जा सके। मध्यप्रदेश में वर्तमान में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अंतर्गत 33 कार्य तथा राष्ट्रीय राजमार्ग (MoRTH-PWD) के अंतर्गत 28 कार्य चल रहे हैं। इस प्रकार प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों से संबंधित कुल 61 परियोजनाएं वर्तमान में क्रियान्वयन की स्टेज में हैं। समीक्षा बैठक में वार्षिक योजना 2025-26 के अंतर्गत प्रस्तावित एवं प्रगतिरत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी। मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 9,300 किलोमीटर से अधिक है। बैठक में मध्यप्रदेश की भविष्य की राष्ट्रीय राजमार्ग विकास योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा, जिससे प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को और अधिक व्यापक, सुरक्षित एवं आधुनिक बनाया जा सके।

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