नगरी साईं मंदिर में चोरी, दानपेटी लूटने वाला चोर CCTV में कैद

धमतरी।  छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी स्थित साईं मंदिर में चोरी की घटना सामने आई है, जिसमें अज्ञात चोर ने मंदिर से दानपेटी लेकर फरार हो गया। यह पूरी वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में देखा जा सकता है कि चोर ने मंदिर में प्रवेश करते ही अपना चेहरा कपड़े से ढक लिया और सीसीटीवी कैमरे के केबल खींचकर उसे बंद करने का प्रयास किया। इसके बाद चोर ने दानपेटी उठाकर घटना स्थल से फरार हो गया। नगरी नगर पंचायत के वार्ड नंबर 6 स्थित साईं मंदिर में यह चोरी की पहली घटना नहीं है। पहले भी यहां चोरी की वारदातें हो चुकी हैं। इस बार चोर दो दानपेटियां लेकर भागा है। लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं ने स्थानीय लोगों और भक्तों में रोष और चिंता पैदा कर दी है।

मंदिर समिति और स्थानीय निवासियों ने बैठक कर इस चोरी की घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपियों की पहचान कर उन्हें कड़ी सजा दिलाने, पूर्व की घटनाओं की जांच तेज करने और मंदिर परिसर में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। विशेष रूप से समिति ने साईं मंदिर और आसपास के क्षेत्र में नियमित रात्रि गश्त, अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की आवश्यकता पर जोर दिया। स्थानीय लोग और भक्त मानते हैं कि मंदिर में सुरक्षा की कमियों का फायदा उठाकर चोरों ने यह वारदात की है। मंदिर समिति ने इस घटना के बाद तत्काल प्रभाव से सुरक्षा उपाय बढ़ाने और मंदिर के निकटवर्ती इलाकों में पुलिस और सुरक्षा गश्त बढ़ाने की सिफारिश की है। धमतरी पुलिस ने भी चोरी की घटना की पुष्टि की है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और आसपास के सुरक्षाकर्मियों और ग्रामीणों से जानकारी लेकर जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए केवल मंदिर परिसर तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पूरे वार्ड और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए। मंदिर समिति ने पुलिस से अनुरोध किया है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें दंडित करने में कड़ाई बरती जाए ताकि भविष्य में इस तरह की चोरी की घटनाओं पर रोक लग सके। मंदिर में हुई यह चोरी न केवल धार्मिक स्थल की सुरक्षा पर सवाल उठाती है, बल्कि समाज में कानून और व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर चिंता पैदा करती है। भक्तों और स्थानीय लोगों की मांग है कि मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत मजबूत किया जाए और घटना में शामिल अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। इस घटना ने यह संदेश दिया है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। मंदिर समिति, स्थानीय प्रशासन और पुलिस के संयुक्त प्रयास से ही ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है और भक्तों का विश्वास बनाए रखा जा सकता है।

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