सरहद पार से कॉल का जाल! हापुड़ में चल रहा था फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज

गाजियाबाद/हापुड़/मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सीमा पार से आतंकी कनेक्शन के मामले में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार रात यूपी एसटीएफ और मेरठ पुलिस ने हापुड़ में संयुक्त छापेमारी की। इसके बाद फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज चलाने वाले गैंग का खुलासा किया। मामले में लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, करीब 8 स्थानों पर छापे के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया। हालांकि, एसपी हापुड़ कुंवर ज्ञानंजय सिंह का कहना है कि उन्हें मामले के चारे में कुछ नहीं पता है। यूर्ण एसटीएफ ही पूरे मामले को देख रही है।

जानकारी के मुताबिक, फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज के माध्यम से आरोपी विदेशी सिम बॉक्स और पहले से एक्टिवेट सिम की मदद से विदेश से आने वाली कॉल को VOIP के माध्यम से लोकल कॉल में बदल देते थे। इस नेटवर्क में देश विरोधी गतिविधियों का कनेक्शन सामने आया है। जांच टीम ने विदेशी सिम बॉक्स उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क की तलाश शुरू कर दी है, जो विदेश से आने वाली कॉल को लोकल में बदलकर मोटी रकम कमा रहे हैं।

छापेमारी में इन आरोपियों को पकड़ा गया

गिरफ्तार आरोपियों में नाजिम उर्फ फुरकान, फरदीन, फहीम, सुल्तान, शादाब और रहीस शामिल हैं। मौके से पुलिस ने दो वाई-फाई डिवाइस, 7 इंटरनेट केबल, दो गुडटर, 32 एक्सटर्नल एंटीना, 5 मोबाइल, 5 वीओआईपी जीएसएम गेटवे मशीन और 156 सिम कार्ड बरामद किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी सिम कार्ड लेकर इंटरनेशनल कॉल को गेटवे मशीन के जरिए लोकल कॉल में बदल देते थे। इससे टेलीकॉम सिस्टम को भारी नुकसान होता था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। एसएसपी अविनाश पांडे ने बताया कि पुलिस ने आयशा मस्जिद 25 फुटा रोड पर छापा मारकर आरोपियों को दबोचा।

कैसे काम करता है VOIP

  • VOIP (Voice over Internet Protocol) यह ऐसी तकनीक है, जो टेलीफोन लाइनों के बजाय इंटरनेट कनेक्शन से वॉयस कॉल करने और प्राप्त करने की सुविधा देती है।
  • यह आवाज को डिजिटल डेटा में बदलकर इंटरनेट के जरिये भेजती है, जिससे यह पारंपरिक फोन सिस्टम की तुलना में अधिक किफायती और बहुमुखी (वीडियो, टेक्स्ट) बन जाती है।

ठगी के लिए भी होता है इस्तेमाल

  • इस प्रोटोकॉल का इस्तेमाल अपराधी किस्म के लोग करते है। विदेशों में बैठे अपराधी VOIP सिस्टम के माध्यम से अन्य देश में बैठे साथी के फर्जी सिम नंबर पर लोकल कॉल के रूप में डायर्वट कर देते हैं।
  • इसके बाद कॉल पीड़ित व्यक्ति के फोन से कनेक्ट कर दी जाती है। मामले की जांच में सिम नंबर फर्जी निकलता है। बाद में एक्सपर्ट की जांच में ठगी विदेश या दूर किसी स्थान के कॉल के माध्यम से होने का पता चलता है।

नकली नोट के मामले में कई लोग रडार पर

लोनी में नकली नोटों के मामले में कई और लोग पुलिस के रडार पर है। गैंग के गुर्गों तक नकली नोट पहुंचाने वाले अभिषेक समेत कई और लोगों की गिरफ्तारी जल्द हो सकती है। मामले में लोनी पुलिस पाकिस्तानी और बांग्लादेशी कनेक्शन का पता लगाने में जुटी है। बताया गया है कि गैंग से जुड़े कई संदिग्ध लोनी में ही रह रहे हैं।

लद्दाख पहुंचाने के लिए हथियार जमा करवा रहा था ‘सरदार’

पाकिस्तान में बैठे आका के इशारों पर जासूसी मामले में कौशांबी क्षेत्र से 21 लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब फंडिंग नेटवर्क खंगालने में जुटी है। सदिग्ध मनी ट्रांसफर सेंटरों के जरिये या किसी दुकान पर बार कोड के जरिये रकम ले रहे थे। प्ररभिक जाच में संदिग्धों के 6 बैंक खाते मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। वहीं, यह भी जानकारी मिली है कि पाकिस्तान में बैठा आका सरदार लद्धाख में बड़ी मात्रा में हथियार पहुंचाना चाहता था। पुलिस इस पहलू की भी जांच में जुटी है।

लद्दाख पहुंचाए जाने थे बड़े वाले चाकू

पुलिस ने पूछताछ के लिए छह संदिग्धों को रिमांड पर लिया था। इनमें से सुहेल उर्फ रोमियो के मेरठ वाले किराये के मकान से एक तमंचा और पांच चाकू बरामद हुए थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बरामद चाकू काफी बड़े थे, जिन्हें लद्दाख पहुंचाया जाना था। पूछताछ में सुहेल ने बताया कि उसने सरदार के कहने पर असलहा खरीदा था। सरवर ने उससे कहा था कि जब वह लद्दाख जाएगा, तब यह असलहा लेकर जाए और वहां पहुंचकर संपर्क करे। उसके बाद बताया जाएगा कि असलहा कहां और किसे देना है। पाकिस्तान से कई चैनलों के होते हुए फंड यहां मनी ट्रांसफर का कारोबार करने वालों तक पहुंचता था। इसके बाद संदिग्ध कैश लेते थे।

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