भोपाल में भी फिल्म उदयपुर फाइल्स का विरोध:कांग्रेस नेता शाहरुख पठान बोले- चलने नहीं देंगे, ऐसी फिल्में समाज में नफरत फैलाती हैं

कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश सचिव शाहरुख पठान ने ‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म को लेकर विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा है कि इस फिल्म को भोपाल में रिलीज नहीं होने देंगे।

पठान ने सेंसर बोर्ड पर भी सवाल उठाए और कहा कि यह अब भाजपा का एजेंडा चलाने वाला बोर्ड बन गया है, जो लगातार ऐसी फिल्में पास कर रहा है जो समाज में नफरत फैलाती हैं।

सिनेमाघर संचालकों को दी चेतावनी पठान ने भोपाल के सभी सिनेमाघर मालिकों से अपील करते हुए कहा कि फिल्म को रिलीज करने से पहले उसकी समीक्षा करें। अगर यह मुस्लिम विरोधी है तो इसका प्रदर्शन न करें, अन्यथा हर थिएटर के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने बताया कि वे इस मुद्दे पर कलेक्टर और सेंसर बोर्ड को पत्र भी लिखेंगे।

गौरतलब है कि फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ उदयपुर में दर्जी कन्हैयालाल की हत्या पर आधारित है। 28 जून 2022 को रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद ने कन्हैयालाल का गला काटकर हत्या कर दी थी। एनआईए इस मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिसमें आतंकी गतिविधियों और आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर आरोप हैं।

हाईकोर्ट ने लगाई फिल्म पर अंतरिम रोक इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह रोक जमीयत उलेमा-ए-हिंद अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी सहित तीन याचिकाओं पर सुनवाई के बाद लगाई गई। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि फिल्म देश के मुसलमानों को बदनाम करती है और सांप्रदायिक माहौल खराब कर सकती है।

कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को दो दिन में केंद्र सरकार के सामने आपत्ति दर्ज कराने को कहा है। वहीं केंद्र को सिनेमैटोग्राफ एक्ट की धारा 6 के तहत एक सप्ताह में पुनरीक्षण करने का आदेश दिया गया है। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, फिल्म की रिलीज पर रोक जारी रहेगी। इससे पहले फिल्म पर पहले सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई थी, लेकिन 9 जुलाई को कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने की सलाह देते हुए याचिका खारिज कर दी थी।

उदयपुर फाइल्स पर क्यों है विवाद? फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ में 2022 के कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित है। फिल्म के ट्रेलर में नुपूर शर्मा का विवादित बयान और ज्ञानवापी विवाद शामिल किया है। इन दृश्यों के चलते सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगड़ने का हवाला दिया जा रहा है। दूसरी तरफ फिल्म पर रोक के बीच कन्हैयालाल के बेटे यश तेली ने निराशा जताते हुए कहा कि, "एक तरफ फिल्म पर रोक की सुनवाई इतनी जल्दी हो जाती है, लेकिन मेरे पिता की हत्या को तीन साल हो गए, अभी तक न्याय नहीं मिला।

इधर, वाराणसी शहर मुफ्ती ने कई सीन पर जताई आपत्ति जहां एक तरफ जमीयत उलेमा हिंद ने इसके रिलीज को रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। वहीं वाराणसी में अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद के सचिव, शहर मुफ्ती मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने डीएम और पुलिस कमिश्नर को एक लेटर लिख कर इस फिल्म की वाराणसी में रिलीज पर रोक की मांग की है।

शहर मुफ्ती मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने बताया- उदयपुर फाइल्स नामक फिल्म जो चीजें दिखाई गई हैं और वो सामने आएगी तो मुल्क के अंदर अमन चैन खत्म हो जाएगा। क्योंकि उसके अंदर जो चीजें दिखलाई गई है वो मुस्लिम सम्प्रदाय जज्बात पर चोट है। उस पर तुरंत रोक न लगी तो पूरे देश में बदअमनी फैलने के आसार हैं।

टेक्स फ्री करने की भी मांग ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले की पक्षकार महिलाओं ने अपने अधिवक्ताओं के साथ एडीएम सिटी से मुलाकात कर फिल्म उदयपुर फाइल को टैक्स फ्री करने की मांग उठाई है। इस संबंध में श्रृंगार गौरी के पैरोकार सोहनलाल आर्या ने बताया कि आज आदि विश्वेश्वर मुक्ति विद्वत संघ ज्ञानवापी टीम की तरफ से जिलाधिकारी से निवेदन किया गया है। उदयपुर फाइल्स फिल्म वाराणसी के सिनेमाघरों में आगामी 11 जुलाई को रिलीज होने जा रही है। फिल्म को टैक्स फ्री किया जाए। ताकि सनातन प्रेमी सी फिल्म को बिना किसी रुकावट के देख सके।

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