चार सप्ताह बाद विदेशी मुद्रा भंडार में दिखी बढ़ोतरी, कहां पहुंच गया अपना भंडार

मुंबई: ऐसा लगातार तीन सप्ताह तक हुआ था। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में तीन सप्ताह से भारी कमी ही हो रही थी। लेकिन 14 नवंबर 2025 को समाप्त सप्ताह में पासा पलट गया। इस दौरान अपने विदेशी मुद्रा भंडार में $5.54 billion की तगड़ी बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी सोने की वजह से है। दरअसल, इस दौरान सोने की कीमत में भारी इजाफा हुआ, जिसका असर अपने विदेशी मुद्रा भंडार पर दिखा।

कहां तक पहुंच गया भंडार

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) की तरफ से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक 14 नवंबर 2025 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में $5.543 billion की बढ़ोतरी हुई है। इससे एक सप्ताह पहले तो $2.699 billion की कमी हुई थी। अब अपना भंडार बढ़ कर $692.576 billion तक पहुंच गया है। गौरतलब है कि इससे पहले 27 सितंबर 2024 को समाप्त सप्ताह के दौरान अपना विदेशी मुद्रा भंडार $704.885 billion के रिकार्ड उच्चतम स्तर पर था।

FCA भंडार में हुई मामूली बढ़ोतरी

रिजर्व बैंक की तरफ से जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार आलोच्य सप्ताह के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा आस्तियों (Foreign Currency Asset) में मामूली बढ़ोतरी हुई है। 14 नवंबर 2025 को समाप्त सप्ताह के दौरान अपने Foreign Currency Assets (FCAs) में $152 million की बढ़ोतरी हुई है। इससे एक सप्ताह पहले तो इसमें $2.454 billion की गिरावट हुई थी। अब अपना एफसीए भंडार बढ़ कर $562.290 Billion का हो गया है। उल्लेखनीय है कि देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा आस्तियां या फॉरेन करेंसी असेट (FCA) एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। डॉलर में अभिव्यक्त किये जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसे गैर अमेरिकी मुद्राओं में आई घट-बढ़ के प्रभावों को भी शामिल किया जाता है।

गोल्ड रिजर्व में भारी बढ़ोतरी

आलोच्य अवधि के दौरान भारत के गोल्ड रिजर्व में खूब बढ़ोतरी हुई है। रिजर्व बैंक के मुताबिक बीते 14 नवंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान अपने सोने के भंडार के वैल्यू में $5.327 billion की बढ़ोतरी हुई है। इससे एक सप्ताह पहले इसमें $195 million की कमी हुई थी। इसी के साथ अब अपना सोने का भंडार का वैल्यू बढ़ कर USD 106.857 billion का हो गया है। उल्लेखनीय है कि इस समय आरबीआई के पास सोने का भंडार 880 टन के पार चला गया है। यह देश के कुल फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व का 14.7 फीसदी से कुछ ज्यादा बैठता है।

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