28 नवंबर के बाद रोज लग रहा था लोअर सर्किट, यह खबर आई तो शेयर पहुंच गया अपर सर्किट में

मुंबई: गुजरात में अहमदाबाद हेडक्वार्टर वाली केमिकल ट्रेडिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की कंपनी है ए-1 लिमिटेड (BSE – 542012)। पहले इसका नाम ए-1 एसिड लिमिटेड था। इसके शेयर बीते 28 नवंबर के बाद से ही हर रोज लोअर सर्किट में बंद हो रहा था। कल यानी शुक्रवार को कंपनी ने शेयर बाजार को एक इंफोर्मेशन शेयर किया। उसके बाद इसका शेयर 177.05 रुपये चढ़ कर अपर सर्किट में पहुंच गया। आइए, जानते हैं कैसे हुआ यह कमाल।

शेयर बाजार को यह दी सूचना

ए-1 लिमिटेड ने शुक्रवार को बीएसई में एक इंफोर्मेशन शेयर किया। इसमें बताया गया था कि कंपनी ने 10,000 टन कॉन्सेंट्रेटेड नाइट्रिक एसिड की सप्लाई के लिए अग्रणी कंपनियों के साथ एक ट्राई पार्टी सप्लाई एग्रीमेंट किया है। यह समझौता एक दीर्घकालिक आपूर्ति व्यवस्था है जिसमें नवंबर 2025 से मार्च 2026 के दौरान इंडस्ट्रियल यूज वाले 10,000 टन कॉन्सेंट्रेटेड नाइट्रिक एसिड की आपूर्ति शामिल है। इसमें आपसी सहमति से अतिरिक्त मात्रा का भी प्रावधान है। इस ट्राई पार्टी सप्लाई एग्रीमेंट में उर्वरक और रसायन प्रमुख, गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (जीएनएफसी) निर्माता के रूप में शामिल है, जबकि सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड और समूह की कंपनियां खरीदार और अंतिम उपयोगकर्ता हैं। ए-1 लिमिटेड ने इस पूरे सौदे में डीलर के रूप में कार्य किया है।

लोअर सर्किट से अपर सर्किट की यात्रा एक ही दिन में

इस सप्ताह गुरुवार को ए-1 लिमिटेड का शेयर लोअर सर्किट में फंस कर 1775.30 रुपये पर बंद हुआ था। शुक्रवार, 12 दिसंबर को यह फिर पांच फीसदी नीचे यानि लोअर सर्किट लिमिट में 1686.55 रुपये पर खुला। लेकिन जब शेयर बाजार में नए एग्रीमेंट की खबर मिली तो इस कंपनी के शेयर का दाम 177.5 रुपये की छलांग लगा कर सीधे 1864.05 रुपये पर चला गया। यही इस दिन का अपर सर्किट था। मतलब कि शेयर के लो लेवल और हाई लेवल के बीच 10 फीसदी का फासला। इससे पहले बीते 28 नवंबर को इसके शेयर में अपर सर्किट लगा था। उसके बाद से शेयर में लगातार लोअर सर्किट ही लग रहा है

क्या कहना है कंपनी का

ए-1 लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हर्षदकुमार पटेल का कहना है कि यह एग्रीमेंट इंडस्ट्रियल केमिकल के सप्लाई चेन में कंपनी की उपस्थिति को और मजबूत करता है और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित बड़े कॉर्पोरेट्स के साथ इसके निरंतर जुड़ाव को दर्शाता है। यह समझौता मात्रा की दृश्यता (वॉल्यूम विजिबिलिटी) को बढ़ाता है और विशेष रसायनों के क्षेत्र में एक विश्वसनीय वितरण और विपणन भागीदार के रूप में ए-1 लिमिटेड की भूमिका को सुदृढ़ करता है।

क्या है कंपनी का कारोबार

इंडस्ट्रियल-एसिड ट्रेडिंग, डिस्ट्रिब्यूशन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में कंपनी पांच दशक से काम कर रही है। इन दिनों कपंनी खुद को भविष्य के लिए तैयार मिड-कैप ईएसजी लीडर के रूप में बदल रही है। इसने साल 2028 तक निम्न-उत्सर्जन रासायनिक कार्यों को स्वच्छ गतिशीलता समाधानों के साथ एकीकृत करते हुए एक मल्टी-वर्टिकल ग्रीन इंटरप्राइजेज के रूप में विकसित होने का लक्ष्य तय किया है।

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