हूतियों पर बारूद बरसा रहे अमेरिका को 559 करोड़ का झटका, F-18 फाइटर जेट लाल सागर में गिरा

वॉशिंगटन: अमेरिकी नौसेना का F/A-18E सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान सोमवार को लाल सागर में गिर गया। यह हादसा तब हुआ, जब इस जेट को विमानवाहक पोत हैरी एस ट्रूमैन पर खींचा जा रहा था। इसी दौरान मूव क्रू का उससे नियंत्रण हट गया। इस घटना में एक नाविक घायल हुआ है। अमेरिका की नौसेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि विमान के साथ उसे खींचने वाला ट्रैक्टर भी समुद्र में गिर गया। हालांकि इस हादसे में एक नाविक को हल्की चोट आने के अलावा कोई नुकसान नहीं हुआ है। पोत पर मौजूद बाकी सभी नाविक (सेलर) सुरक्षित हैं। अमेरिकी सेना यमन के हूतियों पर हमले तेज करने के लिए लाल सागर में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही है।

अमेरिकी नौसेना ने अपने बयान में कहा, ‘F/A-18E विमान को हैंगर-बे में खींचा जा रहा था। इसी दौरान विमान को खींचने वाले दल का नियंत्रण छूट गया। इससे विमान और ट्रैक्टर दोनों समुद्र में गिर गए। राहत की बात ये रही कि विमान को खींच रहे नाविकों ने विमान के गिरने से पहले खुद को बचा लिया।’ नौसेना ने आगे बताया कि विमान वाहक पोत और उसके अन्य विमान काम कर रहे हैं। हादसे के बाद इसके कारणों की जांच की जा रही है। समुद्र में गिरे विमान की कीमत 67 मिलियन डॉलर से ज्यादा बताई गई है।

छह महीने में दूसरा हादसा

अमेरिकी नेवी के साथ हालिया महीनों में इस तरह का यह दूसरा हादसा है। छह महीने से भी कम समय में ट्रूमैन से दूसरी बार F/A-18 विमान का नुकसान हुआ है। इससे पहले एक विमान को अपनी ही गाइडेड मिसाइल क्रूजर से गलती से मार गिराया गया था। यह घटना पिछले साल हुई थी। हालांकि उस दौरान भी राहत की बात ये रही थी कि दोनों पायलट बच गए थे। अमेरिकी नौसेना के लिए इस विमान को समुद्र से ढूंढ़ना आसान नहीं होगा।

हैरी ट्रूमैन पश्चिम एशिया में काम करने वाले दो अमेरिकी विमान वाहक पोतों में से एक है। अमेरिकी सेना बीते महीने से यमन के हूती विद्रोहियों पर हमले कर रही है। यह हमले क्षेत्र में जहाजों के लिए उनके खतरे को खत्म करने के लिए किए जा रहे हैं। ऐसे में अमेरिकी सेना ने इस क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति को बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं। हालांकि इसमें अमेरिकी को नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

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