अमेरिका की नई धमकी: ईरान खुद खोले होर्मुज जलडमरूमध्य, वरना सैन्य गठबंधन करेगा रास्ता साफ

वॉशिंगटन: होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य या तो ईरान की मंजूरी से या अमेरिका समर्थित अंतरराष्ट्रीय सैन्य गठबंधन के ज़रिए फिर से खुलेगा। उनकी यह धमकी तब आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर और ज्यादा हमले करने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत नहीं खोला गया और समझौता नहीं हुआ तो ईरान के ऊर्जा ठिकानों को तबाह कर दिया जाएगा। इस बीच मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना की बढ़ती तैनाती से ईरान के खिलाफ जमीनी कार्रवाई की आशंका भी बढ़ गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर क्या बोले मार्को रुबियो?
अल जजीरा से बात करते हुए रुबियो ने कहा, "यह जलडमरूमध्य या तो ईरान की सहमति से या अमेरिका सहित एक अंतरराष्ट्रीय सैन्य गठबंधन के जरिए फिर से खुलेगा।" उन्होंने आगे कहा कि वॉशिंगटन को उम्मीद है कि मध्य पूर्व में चल रहे सैन्य अभियान में उसके लक्ष्य महीनों के बजाय हफ्तों के भीतर हासिल हो जाएंगे। रूबियो ने कहा कि अगर ईरान मौजूदा सैन्य संघर्ष खत्म होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश करता है, तो उसे "गंभीर परिणामों" का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, उन्होंने उन गंभीर परिणामों के बारे में कुछ नहीं बताया, जो अमेरिका ईरान के खिलाफ कर सकता है।
ईरान को मिसाइल-ड्रोन उत्पादन बंद करने को कहा
रूबियो का मानना है कि ईरान को उन ड्रोन और कम दूरी की मिसाइलों का उत्पादन बंद करना होगा जिनका इस्तेमाल वह अपने पड़ोसियों पर हमला करने के लिए करता है। उन्होंने कहा, "ईरान द्वारा दागी गई कम दूरी की मिसाइलों का सिर्फ एक ही मकसद है: सऊदी अरब, UAE, क़तर, कुवैत और बहरीन पर हमला करना।" उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान को उन ड्रोन और मिसाइलों का निर्माण बंद कर देना चाहिए जिन्हें हमने हाल ही में देखा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व क्या है?
- होर्मुज जलडमरूमध्य 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ शुरू हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद से बंद है। इस जलडमरूमध्य से वैश्विक परिवहन में बाधा पैदा हो गई है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संकरा समुद्री मार्ग है।
- इस जलडमरूमध्य से होकर हर साल दुनिया के 20 प्रतिशत तेल और गैस का व्यापार होता है। इसके बंद होने से दुनिया में ऊर्जा संकट खड़ा हो गया है।
- सऊदी अरब, ईरान, इराक, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे प्रमुख उत्पादकों का तेल और गैस इसी मार्ग से होकर गुजरता है।
ट्रंप ने भी ईरान को धमकी दी
इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर ईरान के साथ जारी बातचीत की प्रगति को सराहा। उन्होंने कहा, "बातचीत में काफी प्रगति हुई है, लेकिन अगर किसी वजह से जल्द ही कोई डील नहीं होती है, जो शायद हो जाएगी, और अगर होर्मुज स्ट्रेट तुरंत ‘बिजनेस के लिए खुला’ नहीं, तो हम ईरान में अपने प्यारे ‘स्टे’ (बसेरे) को उनके सभी इलेक्ट्रिक जेनरेटिंग प्लांट, तेल के कुएं और खर्ग आइलैंड को (और शायद सभी डीसैलिनाइजेशन प्लांट्स!) उड़ाकर और पूरी तरह से खत्म करके खत्म कर देंगे, जिन्हें हमने जानबूझकर अभी तक “छुआ” नहीं है।"





