मारपीट का केस छिपाकर बनवा लिया था शस्त्र लाइसेंस:राइफल शूटिंग के खिलाड़ी पर धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट में दर्ज किया प्रकरण

राइफल शूटिंग के खिलाड़ी साहिब उर्रहमान पर अपराध छिपाकर शस्त्र लाइसेंस लेने का मामला उजागर हुआ है। जांच में सामने आया कि साहिब ने आवेदन के दौरान शपथ पत्र में खुद को निर्दोष बताया था, जबकि उसके खिलाफ पहले से मारपीट का मामला दर्ज था। कोहेफिजा पुलिस ने अब उसके खिलाफ धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।

चार महीने पहले शूटर्स के लाइसेंसों की व्यापक जांच के दौरान उसके दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली थी। इसके बाद कलेक्टर ने लाइसेंस निरस्त कर दिया था। साहिब का लाइसेंस वर्ष 2023 में थाना शाहजहांनाबाद के सत्यापन के आधार पर जारी हुआ था।

2018 में दर्ज हुआ था मामला, फिर भी खुद को बताया ‘निर्दोष’ कोहेफिजा पुलिस के अनुसार, 3 फरवरी 2018 को चौकसे नगर निवासी युवक जोहेब अकबर की शिकायत पर साहिब उर्रहमान सहित कुछ अन्य व्यक्तियों के खिलाफ रास्ता रोककर मारपीट का केस दर्ज हुआ था। इसके बावजूद उसने 2021 में लाइसेंस लेने के दौरान इस मामले को आवेदन में छिपा लिया।

कई स्तर की जांच के बाद मिलना चाहिए लाइसेंस जिले में शस्त्र लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया बेहद संवेदनशील होती है। आवेदन पहले कलेक्ट्रेट की लाइसेंस शाखा में परखा जाता है, फिर पुलिस सत्यापन के बाद ही अनुमति दी जाती है। ऐसे में यह भी सवाल उठ रहा है कि सत्यापन में यह तथ्य कैसे छिपा रह गया?

थाना प्रभारी बोले, ‘झूठी जानकारी साबित होने पर कार्रवाई’ कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया कि कि उसने लाइसेंस आवेदन में गलत जानकारी दी थी। 2018 के अपराध को छुपाया गया। इसी वजह से धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट की धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। आगे की कार्रवाई पूछताछ के बाद होगी। पुलिस जल्द ही साहिब उर्रहमान से पूछताछ करेगी कि उसने अपराध का विवरण क्यों छुपाया ।

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