भोपाल। पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा सभी वृंदावन ग्रामों को क्षीर सागर योजना में शामिल किया जाएगा, जिसके अंतर्गत नस्ल सुधार, पशुओं के लिए पोषण, उपचार जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।प्रदेश को देश का मिल्क कैपिटल बनाने के उद्देश्य से दूध उत्पादन को बढ़ावा देने, गोवंश के संवर्धन और संरक्षण तथा पशुपालकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
विधानसभा क्षेत्रों पर फोकस
प्रदेश के 208 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में विकसित हो रही मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना अन्य ग्रामों के लिए उदाहरण और प्रेरणा का स्रोत बनेगी। यह नवाचार प्रदेश में गोपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
129 ग्रामों में दूध समितियां
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह निर्देश मंत्रालय में योजना के समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में दिए। प्रदेश में 129 ग्रामों में दूध समितियों का गठन किया जा चुका है। इनमें से 70 ग्रामों में दुग्ध संघ के गतिविधियां संचालित है।
बैठक में वृंदावन ग्रामों में संचालित गोशालाओं तथा उनके विकास के लिए संचालित गतिविधियों के जानकारी भी दी है। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल उपस्थित थे।