‘बाबा’ का गहलोत पर बड़ा अटैक, कहा कांग्रेस सरकार ने बिजनेस पार्टनर को 3000 करोड़ का फायदा पहुंचाया

जयपुर: राजस्थानविधानसभा में कृषि अनुदान मांगों पर हुई बहस के दौरान राज्य के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने पूर्ववर्ती सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। कृषि मंत्री यानी ‘बाबा’ ने कहा कि मुंबई के कारोबारी मफतलाल मोहनोत, जिनका मूल निवास जोधपुर है, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बिजनेस पार्टनर बताए जाते हैं। उनकी कंपनी शुभम लॉजिस्टिक लिमिटेड समेत तीन फर्मों को फायदा पहुंचाने के लिए वेयरहाउस टेंडर प्रक्रिया में कथित तौर पर अनियमितताएं की गईं। मंत्री ने आरोप लगाया कि टेंडर की शर्तें दो से तीन बार बदली गईं और सुप्रीम कोर्ट से राहत दिलाने तक की कोशिश हुई, जिससे कंपनियों को लगभग 3000 करोड़ रुपये का लाभ मिला।
मंत्री ने विधानसभा में कहा, एसीबी जांच के लिए लिखा था पत्र
मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने सदन को बताया कि आईएएस अधिकारी संदीप वर्मा ने मई 2023 से 2024 के बीच इस मामले की एसीबी जांच कराने के लिए पत्र लिखा था। उनके अनुसार इसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका के संकेत भी सामने आए हैं। पूर्व सरकार के कार्यकाल में राजस्थान राज्य भंडार निगम की टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों को देखते हुए अब सरकार एसीबी में मामला दर्ज कर जांच कराएगी।
नकली खाद-बीज पर कार्रवाई का दावा
कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में कांग्रेस नेताओं के रिश्तेदारों और पदाधिकारियों को नकली खाद और बीज बनाते हुए पकड़ा गया। उन्होंने करणपुर, सूरतगढ़, सालासर और डीडवाना सहित कई स्थानों पर कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं किशनगढ़ से लेकर करणपुर तक छापे मारे गए। बीकानेर के जामसर में बिना लेबल वाले करीब 10 हजार बैग खाद जब्त किए गए, जबकि सूरतगढ़ में गुप्त कार्रवाई के दौरान 32 हजार बैग बरामद कर किसानों में वितरित कराए गए।विभागीय कार्रवाई के तहत अवैध, अमानक और बिना लाइसेंस विक्रेताओं के खिलाफ 11,938 निरीक्षण किए गए। इसमें 765 विक्रेताओं को नोटिस, 169 के लाइसेंस निलंबित और 46 लाइसेंस निरस्त किए गए। साथ ही 107 एफआईआर दर्ज हुईं, जिनमें 28 मामलों में गिरफ्तारी और 16 में चालान पेश किए गए। कुल 27 फैक्ट्रियां सीज करने की भी जानकारी दी गई।
फसल बीमा में 500 करोड़ के घोटाले का आरोप
मंत्री ने आरोप लगाया कि फसल बीमा योजना में पिछली सरकार के दौरान सहकारी समितियों ने फर्जी बंटाईदार दिखाकर प्रीमियम भरते हुए करोड़ों रुपये का दावा उठाया। यह घोटाला 10 से अधिक जिलों में फैला बताया गया, जिसकी राशि लगभग 500 करोड़ रुपये बताई गई। वर्तमान में बैंक अधिकारियों द्वारा खातों की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि पात्र किसानों को अब तक 6,517 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिसमें पूर्व सरकार के समय के 830 करोड़ रुपये बकाया भी शामिल हैं। फर्जी दावों पर रोक लगाने के लिए बैंकों ने अपने स्तर पर अलग जांच टीमें भी गठित की हैं।





