चीन की गोद में बैठे बांग्लादेश का निकलेगा तेल! महंगा पड़ेगा भारत के साथ ट्रेड और पॉलिटिक्स का खेल

नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के रिश्ते अभी ठीक नहीं चल रहे हैं। पिछले साल अगस्त में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद बनी मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार भारत विरोधी कामों में लगी है। इस काम में उसे चीन का खूब साथ मिल रहा है। चीन के प्रभाव में आकर यूनुस ऐसे काम करने में लगे हैं जो उनके देश के लिए आत्मघाती हो सकते हैं। बांग्लादेश लगातार भारतीय एक्सपोर्ट पर पाबंदियां लगा रहा है। पिछले हफ्ते भारत ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए ऐसे उपाय किए हैं जिससे बांग्लादेश का करीब 42% एक्सपोर्ट प्रभावित हुआ है। जानकारों का कहना है कि बांग्लादेश ने राजनीति और व्यापार को मिलाकर अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारी है। सवाल यह है कि इस विवाद से भारत और बांग्लादेश में से किसे ज्यादा नुकसान होगा?

साल 1971 में बांग्लादेश की आजादी में भारत ने अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन फिलहाल वहां ऐसी सरकार है जो भारत के हितों के खिलाफ काम कर रही है और कट्टरपंथियों के हाथों में खेल रही है। मजबूरन हाल में भारत को बांग्लादेश से जुड़ा एक बड़ा फैसला लेना पड़ा। सरकार ने बांग्लादेश से भूमि बंदरगाहों के जरिए आयात को नियंत्रित करने का एलान किया। इस फैसले से बांग्लादेश से 77 करोड़ डॉलर से अधिक के आयात पर असर पड़ेगा। यह बांग्लादेश से होने वाले कुल आयात का लगभग 42% है। बांग्लादेश अब केवल कोलकाता और मुंबई पोर्ट से ही रेडिमेड कपड़े भेज सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button