ब्लैकआउट से बचा भोपाल:चालू एक्स्ट्रा हाइटेंशन लाइन में की 220 केवी सिस्टम की मरम्मत

भोपाल की बिजली आपूर्ति को बिना किसी रुकावट के सुरक्षित बनाए रखने के लिए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) की भोपाल मेंटेनेंस टीम ने एक चुनौतीपूर्ण और तकनीकी रूप से जटिल कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

इस काम की खास बात यह रही कि पूरी मरम्मत बिजली सप्लाई चालू रहते हुए की गई। इसके बाद भी शहर के किसी भी हिस्से में सप्लाई प्रभावित नहीं हुई।

दरअसल रविवार को सूखी सेवनिया स्थित 400 केवी सबस्टेशन के 220 केवी के मेन बस के आइसोलेटर के महत्वपूर्ण पार्ट क्षतिग्रस्त हो गए थे। सामान्य स्थिति में इसकी मरम्मत के लिए शटडाउन लेना पड़ता, लेकिन ऐसा करने पर भोपाल सहित आसपास के बड़े इलाकों में बिजली गुल होने का खतरा था। इस चुनौती को देखते हुए एमपी ट्रांसको ने हाई-टेक हॉट लाइन मेंटेनेंस तकनीक का सहारा लिया।

कंपनी के अतिरिक्त मुख्य अभियंता प्रदीप राघव के नेतृत्व और कार्यपालन अभियंता अनुराग पंत और ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस भोपाल की विशेष रूप से प्रशिक्षित हॉट लाइन टीम ने यह काम किया।

हॉट लाइन तकनीक से लाइव सिस्टम पर ऐसे किया हुआ सुधार राघव ने बताया कि टीम ने इन्सुलेटेड प्लेटफॉर्म पर बेयर हैंड तकनीक का उपयोग करते हुए, सभी सुरक्षा मानकों का पालन कर 220 केवी आइसोलेटर जॉ को सफलतापूर्वक बदला। इस ऑपरेशन का नेतृत्व लाइन मेंटेनेंस स्टाफ जाधव पवार और मधुर मौसम ने किया। वहीं, 400 केवी सबस्टेशन भोपाल के सहायक अभियंता आर.के. गायकी और वरिष्ठ मेंटेनेंस कर्मी रणवीर सिंह का भी उल्लेखनीय सहयोग रहा।

समझें…क्यों था यह काम कठिन

तकनीकी जानकारों के अनुसा220 केवी बस पर करीब 1000 मेगावाट का लोड था। दोनों 220 केवी मेन बस पर उस समय लगभग 1000 मेगावाट का लोड था, जो एक बस की सामान्य क्षमता से कहीं अधिक माना जाता है। यदि शटडाउन लिया जाता, तो भोपाल शहर के साथ-साथ कई अन्य क्षेत्रों में व्यापक बिजली संकट उत्पन्न हो सकता था।

उपभोक्ताओं को यह फायदा हुआ

  • बिना कटौती के सुरक्षित और स्थिर बिजली सप्लाई
  • शहर में बिजली कटौती से बचाव हुआ
  • उद्योग, अस्पताल, आईटी सेक्टर और घरेलू उपभोक्ताओं की सप्लाई सामान्य बनी रही
  • ट्रांसमिशन सिस्टम की विश्वसनीयता और सुरक्षा बढ़ी {भविष्य में बड़े फॉल्ट और ब्लैकआउट की संभावना कम हुई

यह सफलता तकनीकी दक्षता और त्वरित निर्णय का नतीजा एमपी ट्रांसको की यह सफलता उसकी तकनीकी दक्षता, त्वरित निर्णय क्षमता और प्रशिक्षित मानव संसाधन का प्रमाण है। हॉट लाइन मेंटेनेंस जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से न केवल समय और संसाधनों की बचत होती है, बल्कि उपभोक्ताओं को भी बिना किसी परेशानी के निरंतर बिजली मिलती है। यह कार्य राजधानी भोपाल की विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित, मजबूत और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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