राजधानी में कंडम गाड़ियों को हटाने की बड़ी कार्रवाई:कोहेफिजा इलाके में ADM-SDM की मौजूदगी में हटाए वाहन

भोपाल में गुरुवार को सड़क किनारे खड़ी कंडम गाड़ियों को हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई। एडीएम अंकुर मेश्राम और एसडीएम रविशंकर राय की मौजूदगी में पुलिस और नगर निगम के अमले ने कोहेफिजा इलाके में यह कार्रवाई की। एडीएम मेश्राम ने कहा कि कलेक्टर के निर्देश पर यह कार्रवाई जारी रहेगी।
दोपहर में अमला कोहेफिजा इलाके में पहुंचा। यहां सड़क किनारे ही कई गाड़ियां महीनों से खड़ी थी। इनमें कई कारें और टू व्हीलर्स भी शामिल थे। वहीं, अतिक्रमण भी जमा था। ऐसे में पुलिस ने पहुंचते ही गाड़ियों को हटाना शुरू किया। इस कार्रवाई से अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया।
100 से ज्यादा गाड़ियों को हटाया गुरुवार को की गई कार्रवाई के दौरान 100 से अधिक गाड़ियां हटाई गईं। वहीं, कई पक्के अतिक्रमण हटाए गए। एमपी नगर, कोलार समेत अन्य इलाकों में भी कार्रवाई की गई।
विवाद न हो, इसलिए पुलिस बल तैनात अतिक्रमण हटाने के दौरान कोई विवाद न हो, इसलिए पुलिस बल तैनात रहा। पूरी कार्रवाई पुलिस के साये में की गई। हालांकि, कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन अफसरों ने एक न सुनी और कार्रवाई की।
इधर, भिक्षावृत्ति करते 5 भिक्षुकों को पकड़ा, आश्रम में छोड़ा गुरुवार को ही लालघाटी चौराहे पर लंबे समय से भिक्षावृत्ति कर रहे पांच भिक्षुओं को प्रशासन की टीम ने पकड़ा और उन्हें आश्रय गृह पर भेजा। एसडीएम रविशंकर राय के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। अतिक्रमण प्रभारी अधिकारी महेश गोहर, नायब तहसीलदार दिनकर चतुर्वेदी के साथ महिला एवं बाल विकास ब्लॉक अधिकारी अर्चना मिश्रा, नगर निगम के अधिकारी अवध नारायण मकोरिया, अनस आलम फारुकी, असद अली, फरहान अहम, मृदुल सिंह आदि मौजूद थे।
दूसरी ओर, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने जिस धारा में भिक्षावृत्ति पर रोक लगाई थी, उसे 6 माह बाद फिर से रिन्युवल नहीं किया गया है। 22 फरवरी को भोपाल को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान यह आदेश दिए गए थे। इधर, भिक्षुक गृह के लिए 12 प्रस्ताव आए हैं, लेकिन जिस संस्था को काम देना है, उसका चयन जुलाई में ही हो चुका है। पहले जिस संस्था को काम दिया था, वह बिना टेंडर के दिया था। जीआईएस के चलते ऐसा हुआ था। ब्लैक लिस्टेट कंपनी को ही काम सौंप दिया गया था।





