मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गणतंत्र दिवस पर उज्जैन के कार्तिक मेला ग्राउंड पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के मंगल अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज राष्ट्र के जन-गण-मन में देशभक्ति और देश के लिए गर्व का भाव सशक्त हो रहा है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व-गुण के फलस्वरूप संपूर्ण विश्व में भारत की गरिमा बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत माता की आज़ादी के लिए हँसते-हँसते सूली चढ़ने वाले अमर शहीदों के चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2028 में सिंहस्थ का आयोजन उज्जैन में होना है। इस भव्य-दिव्य आयोजन के उपलक्ष्य में ही गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम पावन पुनीत शिप्रा के किनारे आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर उज्जैन के कार्तिक मेला ग्राउंड पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्साह और उमंग से भरे वातावरण में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने परेड की सलामी ली। इस मौके पर विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा आकर्षक एवं नयनाभिराम झांकियां भी निकाली गईं तथा स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।

"समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" के लिए 10 बहुउद्देशीय गतिविधियों को शामिल किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के विकास के लिए आव्हान किया है। मध्यप्रदेश सरकार संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। ज्ञान के मंत्र की सिद्धि की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने चार मिशन, युवा शक्ति, गरीब कल्याण, किसान कल्याण और नारी सशक्तिकरण प्रारंभ किए हैं। हमारे देश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। खेती किसानी करने वाले भाईयों के जीवन में मुस्कान लाने के लिए बहुआयामी प्रयास किए गए। मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2002-03 में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र का बजट 600 करोड़ रुपये था, जिसे वर्ष 2024-25 में बढ़ाकर 27 हजार 50 करोड़ से अधिक किया गया। "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" की दिशा में प्रदेश में 10 बहुउद्देशीय गतिविधियों को शामिल किया गया है।

वर्ल्ड इकॉनामिक फोरम में महत्वपूर्ण रही मध्यप्रदेश की भागीदारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन विश्वास अधिनियम 2024 एवं 2025 के माध्यम से अनेक कानूनों के प्रावधान सरल किए गए हैं और अनावश्यक नियमों को हटाया गया है। इससे उद्योगों के विकास को नई दिशा मिली है। प्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग और रोज़गार वर्ष के रूप में मनाया गया। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आए निवेश प्रस्तावों में से एक तिहाई जमीन पर उतारे जा चुके हैं। यूके, जर्मनी, जापान, स्पेन और दुबई के उद्यमियों से प्राप्त प्रस्तावों से विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और रोज़गार की संभावनाएँ साकार करने की ओर हम अग्रसर हैं। हाल ही में स्विट्जरलैंड में हुई वर्ल्ड इकॉनामिक फोरम की बैठक में मध्यप्रदेश की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही। उद्योग संवर्धन नीति में वर्ष 2025-26 में 1 हजार 522 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है। मध्यप्रदेश के उद्योग क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि धार जिले में पीएम मित्र पार्क की आधारशिला रखे जाने से जुड़ी है। उद्योग और रोज़गार को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। वर्ष 2025 में ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से 1 हजार 92 औद्योगिक भूखंड उपलब्ध करवाए गए।

प्रदेश में नशे के विरूद्ध जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का आव्हान किया है। मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को मजबूत बनाते हुए अपराधिक तत्वों पर नियंत्रण को प्राथमिकता दी गई है। मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समय के पहले नक्सल उन्मूलन का कार्य किया गया है। प्रदेश में नशे के विरूद्ध जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

जापान सहित अन्य देशों में हमारे युवा अपनी प्रतिभा से स्थापित हो रहे हैं

मुख्यमंत्री मजरा टोला योजना के माध्यम से 20 हजार से अधिक बसाहटों तक सड़क की सुविधा ले जाने का कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। इस कार्य के लिए 21 हजार करोड़ से अधिक राशि की मंजूरी दी गई है। मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण का कार्य निरंतर चल रहा है। गत दो वर्ष में 50 लाख विद्यार्थियों को सवा दो हजार करोड़ रुपये की राशि छात्रवृत्ति के रूप में प्रदान की गई है। प्रदेश में जनजातीय वर्ग के कक्षा 11वीं और 12वीं के दो लाख विद्यार्थी छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। अन्य पिछड़े वर्ग के 21 युवाओं को रोज़गार के लिए विदेश में भी नियोजित किया गया है। जापान और अन्य देशों में हमारे युवा अपनी प्रतिभा से स्थापित हो रहे हैं।

प्रदेश के 30 लाख विद्युत पम्प को सोलर पंप में परिवर्तित कराने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश विद्युत के क्षेत्र में पूर्णतः आत्मनिर्भर हो गया है। प्रदेश में गैर कृषि उपभोक्ताओं को 24 घंटे एवं कृषि उपभोक्ताओं को लगभग 10 घंटे प्रतिदिन विद्युत प्रदाय की जा रही है। प्रदेश में वर्ष 2012 में नवकरणीय ऊर्जा क्षमता 491 मेगावाट थी जो अब 9 हजार 508 मेगावाट हो चुकी है। मुरैना में प्रदेश की पहली ऊर्जा भंडारण परियोजना शुरू हो रही है जिसकी विश्व बैंक ने भी प्रशंसा की है। प्रदेश में 30 लाख विद्युत पम्प को सोलर पंप में परिवर्तित कराने का लक्ष्य है।

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