रैपिडो ड्राइवर के बैंक खाते से 300 करोड़ का लेनदेन, क्रिकेट बेटिंग और स्टॉक मार्केट रैकेट का भंडाफोड़

अहमदाबाद: अहमदाबाद में एक गैर-कानूनी क्रिकेट बेटिंग और एक बड़े स्टॉक मार्केट रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। यहां मात्र 10 से 12 हजार रुपये कमाने वाले एक रैपिडो ड्राइवर के अकाउंट से 550 करोड़ की नकली बैंक ट्रांजैक्शन हुई। इसके बाद जांच एजेंसियो को इस संदिग्ध एक्टिविटी का पता चला। ईडी इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
ड्राइवर के खाते से 300 करोड़ की लेनदेन
ईडी ने इस पूरे नेटवर्क का खुलासा तब किया जब उन्हें रैपिडो ड्राइवर प्रदीप ओडे के अकाउंट में 300 करोड़ रुपये से भी ज्यादा के ट्रांजैक्शन का पता चला। जांच करने पर अधिकारियों को पता चला कि रैपिडो ड्राइवर के बैंक अकाउंट का इस्तेमाल कथित तौर पर गैर-कानूनी क्रिकेट बेटिंगऔर स्टॉक मार्केट मैनिपुलेशन से जुड़े फंड को रूट करने के लिए किया जा रहा था। जांच अधिकारियों ने इसे ऑर्गनाइज्ड फाइनेंशियल क्राइम सिंडिकेट बताया है।
जानिए कैसे हुआ रैकेट का भंडाफोड़
- रैपिडो ड्राइवर के बैंक खाते से हुई 550 करोड़ की लेनदेन
- रैपिडो ड्राइवर के खाते का इस्तेमाल क्रिकेट बेटिंग और स्टॉक मार्केट मैनिपुलेशन से जुड़े फंड को रूट करने के लिए किया
- ड्राइवर के खाते का इस्तेमाल प्रदीप एंटरप्राइज नाम की एक फर्म बनाने के लिए किया गया
- किरण परमार नाम के व्यक्ति को 25,000 रुपये के लिए किराए पर दिया था अपना खाता
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25 हजार के बदले किराए पर दिया अकाउंट
ईडी की पूछताछ में रैपिडो ड्राइवर ने माना कि उसने अपना बैंक अकाउंट किरण परमार नाम के एक व्यक्ति को 25,000 रुपये के बदले किराए पर दिया था। उसने यह भी बताया कि उसे हर साइन किए गए चेक के लिए 400 रुपये दिए गए थे। रैपिडो ड्राइवर के कागजात का इस्तेमाल प्रदीप एंटरप्राइज नाम की एक फर्म बनाने के लिए किया गया था। जांच अधिकारियों ने पाया कि ड्राइवर के कागज पर दो और कंपनियां बनाई गईं थी, जिसका नाम कमलेश ट्रेडिंग और रौनक ट्रेडर्स था।
2024 में रजिस्टर हुई थी कंपनी
अधिकारियों ने बताया कि ये कंपनियां 2024 में रजिस्टर हुई थीं और ऐसा माना जा रहा है कि इनका कोई असली बिजनेश नहीं चल रहा था। लेकिन उनके बैंक अकाउंट में भारी डिपॉजिट दर्ज थे, जो कुल मिलाकर 550 करोड़ रुपये थे। ईडी ने बताया कि जांच के दायरे में आए ट्रांजैक्शन के तहत तीन अलग-अलग कंपनियों में 80.50 करोड़, 52.11 करोड़ और 22.86 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
जानिए क्या है सर्कुलर ट्रेडिंग
अधिकारियों ने बताया कि इन अकाउंट्स का इस्तेमाल ऑनलाइन क्रिकेट बेटिंग ऑपरेशन से मिले फंड को इधर-उधर करने के लिए किया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि आगे की एनालिसिस से स्टॉक मार्केटमें सर्कुलर ट्रेडिंग का भी पता चला। सर्कुलर ट्रेडिंग एक ऐसा तरीका है जिसका इस्तेमाल ट्रेडिंग वॉल्यूम को आर्टिफिशियली बढ़ाने और कीमतों में हेरफेर करने के लिए किया जाता है। जांचकर्ताओं ने इम्पैक्ट गुरु के ज़रिए पेनी स्टॉक ट्रांज़ैक्शन और संदिग्ध डोनेशन से जुड़ी गड़बड़ियों का भी पता लगाया, जिससे पता चलता है कि कमाई को लॉन्ड्र करने के लिए कई फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स का इस्तेमाल किया गया था।
ईडी मामले की जांच कर रही
इसके अलावा, गांधीधाम के एक बिजनेसमैन के पर्सनल खर्चों की भी जांच की गई, जिसमें शादी के बड़े खर्च और दूसरी बड़ी रकम शामिल थी। अधिकारियों ने आगे पाया कि कंपनी रजिस्ट्रेशन में इस्तेमाल किए गए बैंक अकाउंट डिटेल्स शेख मोइन मोहम्मद शफी से जुड़े थे, जिससे पता चलता है कि इस स्कीम को अंजाम देने में कई पहचानों का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया था। ईडी पैसे के पूरे लेन-देन का पता लगाने और दूसरे संदिग्ध लोगों की भूमिका को लेकर जांच कर रही है।





