ब्राह्मणों की उपेक्षा पर जताई चिंता, बसपा शासनकाल का उदाहरण, जन्मदिन पर मायावती की ‘सोशल इंजीनियरिंग’

लखनऊ: बसपा सुप्रीमो मायावती मंगलवार को 70 साल की हो गईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनको जन्मदिन की बधाई दी है। इस बीच, प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने यूपी में ब्राह्मण समाज की उपेक्षा पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान उनसे बीजेपी, सपा और कांग्रेस से जुड़े ब्राह्मण समुदाय के नेताओं ने मुलाकात की और अपने समुदाय की उपेक्षा पर चिंता जताई। मायावती ने कहा कि बसपा ने हमेशा ब्राह्मण समाज को पूरा सम्मान और प्रतिनिधित्व दिया है।
‘सपाई गुंडों ने मेरी जान लेने की कोशिश की’
मायावती ने सपा पर जमकर हमला भी बोला। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में गुंडों और अपराधियों का राज था। उस दौरान दलितों का सबसे ज्यादा शोषण किया गया। 1995 में हजारों सपाई गुंडों ने सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर मुझे जान से मारने की कोशिश की थी। यह बात किसी से छिपी नहीं है।
2007 में ब्राह्मण-दलित वोटों ने दिलाई थी कुर्सी
इस दौरान मायावती ने फिर दोहराया कि बसपा 2027 विधानसभा चुनाव अकेले दम पर लड़ेगी। गौरतलब है कि 2007 विधानसभा चुनाव में सोशल इंजीनियरिंग के सहारे बसपा ने यूपी की सत्ता पर कब्जा जमाया था। अपने परंपरागत दलित वोटों के साथ ब्राह्मण वोटरों को साथ लेकर मायावती ने विपक्षी दलों को धाराशायी कर दिया था। ब्राह्मण और दलित सोशल इंजीनियरिंग के फॉमूर्ले को मायावती एक बार फिर आजमाने के प्रयास में हैं।





