शिवराज के गढ़ विदिशा से कांग्रेस का पायलट प्रोजेक्ट:एमपी संगठन की नई रणनीति

मध्यप्रदेश में राजनीतिक सूखे का सामना कर रही कांग्रेस अब संगठन को दुरुस्त करने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गढ़ विदिशा से पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। 22 मई से एमपी कांग्रेस के करीब 100 नेता विदिशा जिले की सभी ग्राम पंचायतों और वार्डों में जाएंगे। यह पूरा पायलट प्रोजेक्ट करीब 20 दिन तक चलेगा।
100 एक्सपर्ट्स पायलट प्रोजेक्ट में जाएंगे ग्राउंड जीरो पर एमपी कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान का पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसके लिए अलग-अलग विशेषज्ञताओं और अनुभवों वाले 100 एक्सपर्ट्स को विदिशा जिले के लिए सिलेक्ट किया है। इसमें संगम नेतृत्व टीम और ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के सदस्य और कुछ संगठन मंत्री शामिल हैं। बूथ समितियों में काम करने वाले कुछ सक्रिय कार्यकर्ता भी इस टीम में शामिल किए गए हैं।
देखेंगे, कांग्रेस कहां मजबूत है और कहां कमजोर पायलट प्रोजेक्ट के तहत 20 दिन तक कांग्रेस के कार्यकर्ता विदिशा जिले की हर ग्राम पंचायत और वार्डों में जाकर संगठन की स्कैनिंग करेंगे। किस गांव, वार्ड में कांग्रेस मजबूत है और कहां कमजोर है। पार्टी जहां कमजोर है उसके कारणों की एक रिपोर्ट बनाएंगे।
जातीय और स्थानीय समीकरणों को भी टटोलेंगे विदिशा जिले की सभी विधानसभाओं में गांव और वार्ड वार जातीय और स्थानीय समीकरणों की भी रिपोर्ट बनाएंगे। इसमें यह देखा जाएगा कि जिस जाति-वर्ग की गांव-वार्ड में बहुलता है। कांग्रेस के स्थानीय संगठन में उस समाज वर्ग के लोगों ही सहभागिता है या नहीं?
दो विधानसभाओं की रिपोर्ट डिजिटल, 3 की फिजिकल होगी दर्ज विदिशा जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस के पायलट प्रोजेक्ट में दो विधानसभाओं की रिपोर्ट डिजिटल तैयार कराई जाएगी और तीन सीटों की रिपोर्ट फिजिकल यानी पेपर पर दर्ज होगी। इस प्रोजेक्ट के दौरान यह देखा जाएगा कि जिन कार्यकर्ताओं को काम दिया गया है, वे डिजिटल रिपोर्टिंग सही कर रहे हैं या कागज पर सही जानकारी दर्ज हो रही है।
वार्ड और पंचायत समितियों के नाम भी होंगे तैयार 20 दिनों तक कांग्रेस के पदाधिकारी अलग-अलग वार्ड और पंचायतों में बैठकों के दौरान पंचायत समिति, वार्ड समिति के संगठन में शामिल किए जाने वाले मजबूत कार्यकर्ताओं के नाम भी खोजेंगे। इसके बाद आगामी समय में समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कांग्रेस साल भर में पंचायत और वार्ड स्तर तक समितियों के गठन का काम प्रदेश भर में पूरा करेगी।
‘पार्टी की नब्ज टटोलने विदिशा पहुंचेगी कांग्रेस टीम’ एमपी कांग्रेस के संगठन प्रभारी संजय कामले ने बताया कि मप्र कांग्रेस कमेटी में पिछले एक साल से इस बात पर चर्चा चल रही थी कि गांव स्तर पर अपने संगठन का निर्माण किया जाए। इसी को लेकर हम एक पायलट प्रोजेक्ट विदिशा जिले में शुरू करने जा रहे हैं। विदिशा जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर प्रदेश कांग्रेस द्वारा चुनी हुई टीम जाएगी। विभिन्न स्तर पर पार्टी की नब्ज टटोलेगी कि किस तरह से वहां काम करना है।
कौन से लोग हमारे हैं और वहां गतिविधियां किस तरह संचालित हो रही हैं। पार्टी की क्या मजबूती है और कहां क्या कमजोरी है। इन सब बातों को मिलाकर एक समग्र रोडमैप बनाया गया है। हम सबको उम्मीद है कि इस पायलट प्रोजेक्ट के माध्यम से हम नए जमीनी कैडर को तैयार करेंगे।





