हाईकोर्ट की सख्ती फिर भी DJ पर प्रतिबंध नहीं:बिलासपुर में पुलिस ने जब्त किया DJ-सेटअप

बिलासपुर, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सख्ती के बाद भी बिलासपुर में DJ-धुमाल और आंखों को नुकसान पहुंचाने वाली प्रतिबंधित लेजर लाइट पर रोक नहीं लगी है। यही वजह है कि शहर में होने वाले शादी समारोह और अन्य आयोजनों में बेधड़क इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।
गुरुवार को पुलिस ने शहर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान 24 प्रतिबंधित लेजर लाइट समेत 3 डीजे सेटअप वाली गाड़ियां जब्त की गई। वहीं, इस मामले में पुलिस ने 10 लोगों के खिालफ एफआईआर दर्ज की है।
दरअसल, प्रदेश में कोलाहल अधिनियम लागू होने के बाद भी तेज आवाज वाले DJ और साउंड सिस्टम बेधड़क चल रहा है। विशेष कर शादी समारोह और पर्व के साथ ही धार्मिक-सामाजिक और राजनीतिक आयोजनों के दौरान शोर-शराबा से लोग खासे परेशान रहते हैं। मरीजों के लिए यह खतरनाक साबित होता है।
कोलाहल नियंत्रण अधिनियम प्रभावी नहीं
DJ और साउंड सिस्टम पर बैन लगाने को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका की सुनवाई चल रही है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट्स पर स्वत: संज्ञान लिया है। लगातार सुनवाई और दिशानिर्देश जारी करने के बाद भी कोलाहल नियंत्रण अधिनियम प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पाया है।
एसएसपी के निर्देश पर चला अभियान, डीजे का सामान जब्त
एसएसपी रजनेश सिंह ने लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए गुरुवार को सभी थाना प्रभारी और पुलिस अफसरों को डीजे संचालकों की दुकान और गोदाम में छापेमारी करने के निर्देश दिए। जिस पर पुलिस ने दोपहर से लेकर शाम तक शहर के अलग-अलग जगहों पर संचालित साउंड सिस्टम और डीजे-लाइट वाली दुकानों और गोदामों की जांच की।
इस दौरान डीजे के सामानों के साथ ही आंखों की रोशनी खराब करने वाली लाइट्स को जब्त की। वहीं, 10 लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया।
सरकंडा, सिविल लाइन और सिरगिट्टी में की कार्रवाई
इस दौरान पुलिस की अलग-अलग टीम ने सरकंडा क्षेत्र के दुकानों और स्टॉक रूम में रेड मारी। यहां अवैध रूप से बेची और किराए पर दी जा रही 18 लेजर लाइट जब्त की गई। पुलिस ने आशीष देवांगन, विकास अहिरवार, सुनील साहू, कमल यादव और प्रकाश गढ़ेवाल के खिलाफ धारा 106 बीएनएस के तहत कार्रवाई की है।
वहीं, सिविल लाइन क्षेत्र में जतिया तालाब और मिनी बस्ती इलाके के डीजे संचालकों के स्टॉक रूम में छापा मारा। यहां से श्रीराम कृपा धुमाल के संचालक आकाश सारथी और राजा डीजे के वेद लहरे से 4 शार्पी लेजर लाइट बरामद की गई। सिरगिट्टी में सड़क पर तेज आवाज में डीजे बजाकर यातायात बाधित करने वालों को भी पकड़ा गया।
पुलिस ने डीजे सिस्टम सहित 3 वाहनों को जब्त कर पुष्पेंद्र साहू, नितिन नारवानी और विशाल सारथी के खिलाफ छत्तीसगढ़ कोलाहल अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
शार्पी लेजर लाइट से आंखों को हो रहा नुकसान
डीजे के साथ लगाए जाने वाले शार्पी लेजर लाइटों की तेज रोशनी वाहन पर चलने वालों के लिए मुसीबत का कारण बन रही है। सीधे आखों से पर पड़ने से लोगों को सड़क कुछ समय के लिए दिखाई नहीं देती। इतना ही मोबाइल कैमरे पर यह लाइट पड़ने से फोन को भी नुकसान हो रहा है। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं।
हाईकोर्ट ने कहा था- संशोधित कानून लागू करें
डीजे और साउंड सिस्टम के शोर से आम लोगों को हो रही परेशानियों को हाई कोर्ट चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने सितंबर 2025 में कोलाहल अधिनियम 1985 और शोर प्रदूषण नियम 2000 में प्रस्तावित संशोधनों को बिना देरी लागू करने को कहा था, ताकि आम जनता को बढ़ते शोर प्रदूषण से राहत मिल सके।
बता दें दो साल पहले त्योहारों के दौरान डीजे के शोर से एक बच्चे की मौत हो गई थी। जूना बिलासपुर के किलावार्ड क्षेत्र में रहने वाले सैकड़ों लोगों को कुछ दिन के लिए अपने रिश्तेदारों के यहां रहने जाना पड़ा था।
एक लाख जुर्माना और पांच साल की सजा
जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार ने 27 जनवरी 2025 को एक समिति बनाई थी, जिसे कोलाहल अधिनियम और शोर प्रदूषण नियमों का अध्ययन कर जरूरी संशोधन पर सुझाव देने थे।
समिति ने 13 अगस्त 2025 को अपनी रिपोर्ट दी और कानून विभाग से परामर्श कर कुछ महत्वपूर्ण बदलावों की भी सिफारिश की थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी इस संबंध में न तो कानून बन सका है और न हीं डीजे वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।





