भोपाल में रिटायर्ड भेल अफसर की हत्या में खुलासा:पत्नी बोली- शव के पास 5 घंटे बैठी रही, सांसें थमी तब जाकर सुकून मिला

भोपाल में भेल के 64 साल के रिटायर्ड अधिकारी जॉर्ज कुरियन की सुपारी देकर हत्या कराने वाली पत्नी बिट्टी जॉर्ज का कबूलनामा चौंकाने वाला है। पति की हत्या की साजिश उसी ने अपने किरायेदार रेखा और उसके प्रेमी संजय पाठक को सुपारी देकर रची थी। पुलिस को दिए बयान में बिट्टी ने बताया कि उसका पति उसे कहीं भी आने-जाने पर टोकते थे। वह खुद कई महिलाओं के संपर्क में रहते थे और मुझ पर हमेशा शक करते थे। उम्र बढ़ने के साथ वह बेहद चिड़चिड़े स्वभाव का होने लगे थे।

बिट्टी ने कहा, छोटी-छोटी बातों पर अभद्रता करते थे। अपशब्द कहते थे। मैं बेसहारा हूं, महज 17 साल की उम्र में दोगुना उम्र के जॉर्ज से बेहतर भविष्य की आस में शादी की थी, लेकिन जॉर्ज के साथ जीवन केवल कैद बनकर रह गया था। घर से बाहर निकलने पर भी जॉर्ज डांट फटकार करते थे। किसी से बात करने पर शक करते थे। यह तमाम चिल्ला चोट रेखा सूर्यवंशी देखती रहती थी। उसी ने बुजुर्ग पति की हत्या करने के लिए उकसाया, तब बिट्टी ने पूरी प्लानिंग की।

उसने पुलिस को बताया कि पति की आंखों में ड्रॉप डालने के साथ ही उसने रेखा और उसके प्रेमी संजय पाठक को बेडरूम में अंदर बुला लिया। इसके बाद खुद बाहर से गेट को बंद कर खड़ी रही। मारपीट की हर आवाज से उसके दिल को सुकून मिल रहा था, शुरुआत में आवाजें तेज आईं, लेकिन एक मिनट के भीतर ही पति की आवाज दबने लगी। यह सब सुनकर उसे अंदाजा हो रहा था कि पति मौत की नींद सोने वाला है।

हत्या के बाद 5 घंटे तक शव के पास बैठी रही पत्नी पुलिस को दिए बयान में बिट्टी ने बताया कि धीरे-धीरे पति की आवाजें आना बंद हो गई। अंदर से संजय और रेखा ने गेट बजाना शुरू किया, तब यकीन हुआ कि पति मर चुके हैं। दोनों के बाहर आते ही उसे सुकून हो गया कि पति मर चुके हैं। तब कमरे की सफाई शुरू की।

इसके बाद वह करीब पांच घंटे तक शव के पास बैठी रही और फिर निजी अस्पताल में पति को इलाज के लिए पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने चेक करने के बाद जॉर्ज को मृत घोषित किया। प्लानिंग के तहत अस्पताल में बाथरूम में गिरकर घायल होने की बात बताई।

रेखा बोली- प्रेमी से बात करने पर रोक लगा रखी थी इधर, किरायेदार रेखा ने पुलिस को दिए बयानों में बताया कि जॉर्ज उससे नजदीकी बढ़ाना चाहते थे। वह दबाव बनाते थे कि प्रेमी से बातचीत न करें। उनके कारण प्रेमी संजय पाठक घर आ-जा नहीं सकता था। यही कारण था कि बिट्‌टी को पति की हत्या के लिए उकसाया। वे पहले ही पति से परेशान थी इसलिए बेहद आसानी से हत्या कराने के लिए राजी हो गई।

उम्मीद थी कि हत्या के आरोप में बिट्‌टी को जेल होगी, हम बतौर किराएदार पहले से ही घर में रह रहे थे। आगे इसी घर पर कब्जा करने का इरादा था। हत्या के एवज में मिलने वाले दस लाख रुपए से जीवन को बेहतर ढंग से गुजारने की भी उम्मीद थी, लेकिन बिट्‌टी ने पुलिस हिरासत में आते ही हमारे नाम बता दिए।

ढाई लाख रुपए एडवांस दिए थे बिट्‌टी ने पति की हत्या के एवज में रेखा को बतौर एडवांस ढाई लाख रुपए दिए थे। यह रकम को ऑन लाइन उसके खाते में ट्रांसफर किया था। इस बात की तस्दीक आरोपियों के अकाउंट डिटेल्स से भी हो चुकी है। फिलहाल तीनों आरोपी भोपाल सेंट्रल जेल में बंद हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button