बोत्सवाना से 28 फरवरी को मध्य प्रदेश जाएंगे आठ चीते, वर्ष 2032 तक आत्मनिर्भर चीता आबादी स्थापित करना सरकार का लक्ष्य

भोपाल। मध्य प्रदेश में चीतों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। चीतों की संख्या में वृद्धि के लिए 28 फरवरी को बोत्सवाना से आठ और चीते लाए जाएंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष-2032 तक लगभग 17 हजार वर्ग किलो मीटर क्षेत्र में 60–70 चीतों की आत्मनिर्भर आबादी स्थापित करना है।

इसके लिए गुजरात के बन्नी घास के मैदानों में संरक्षण प्रजनन केंद्र स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्य प्रदेश में चीता पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट विश्व का सबसे सफल अभियान है।

यह परियोजना ‘प्रकृति से प्रगति’ का संदेश है। सितंबर 2022 में शुरू हुई वन्य जीव संरक्षण की इस यात्रा ने सफलता के तीन साल पूरे कर लिए।

2023 से 2026 के बीच 39 शावकों का जन्म

17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को प्रधानमंत्री मोदी ने कूनो अभयारण्य के संरक्षित बाड़ों में छोड़ कर पुनर्स्थापना परियोजना का शुभारंभ किया। 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़े गए। वर्ष 2023 से 2026 के बीच यहां 39 शावकों का जन्म हुआ, जिनमें से 27 शावक कूनो में स्वस्थ और जीवित हैं।

राष्ट्रपति के साथ बोत्सवाना के राष्ट्राध्यक्ष मौजूद रह सकते हैं

बताया जा रहा है कि इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु के साथ बोत्सवाना के राष्ट्राध्यक्ष डुमा बोका भी मौजूद रह सकते हैं। कार्यक्रम केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में होगा। अति विशिष्ट अतिथियों के संभावित आगमन को लेकर कूनो पार्क में पांच हेलीपैड बनाए गए हैं।

नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए जा चुके हैं चीते

एयरफोर्स के अधिकारियों की देखरेख में यहां हेलीकॉप्टर उतारने का ट्रायल भी किया गया है। बता दें कि भारत में चीता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से आठ और 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए जाने के बाद अब बोत्सवाना से दो वयस्क मादा चीते और उनके छह शावक लाए जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button