बाराबंकी के महिला डिग्री कॉलेज में गबन: 2.70 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप, बीजेपी नेता समेत 10 पर केस दर्ज

बाराबंकी: उत्तर प्रदेश में बाराबंकी के महिला डिग्री कॉलेज में महाविद्यालय में प्रबंधन समिति के सदस्यों ने 2 करोड़ 70 लाख रुपये हड़प लिए। कॉलेज की संस्थापक और संरक्षक कृष्णा चौधरी के प्रार्थना पत्र पर अदालत ने केस दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर प्रबंधन समिति के पदाधिकारी और विधानसभा चुनाव के बीजेपी से पूर्व प्रत्याशी रहे उमा शंकर वर्मा उर्फ मुन्नू भइया, पूर्व चेयरमैन कॉपरेटिव बैंक धीरेंद्र वर्मा सहित 10 नामजद लोगों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।

बाराबंकी शहर के दहशरबाग कालोनी स्थित मुंशी रघुनंदन प्रसाद सरदार पटेल महिला डिग्री कॉलेज की संस्थापक और संरक्षक कृष्णा चौधरी के मुताबिक, कॉलेज की प्रबंधन समिति से जुड़े पदाधिकारियों ने फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे करीब 2 करोड़ 70 लाख रुपये के गबन कर लिया। न्यायालय के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने बीजेपी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी उमाशंकर वर्मा (मुन्नू भइया) , पूर्व चेयरमैन कॉपरेटिव बैंक धीरेंद्र वर्मा, कॉलेज कर्मचारी अवधेश कुमार, मान सिंह, अजय वर्मा, राकेश कुमार, विजय, सुनील, राजीव और अशोक सहित 10 लोगों के खिलाफ कोतवाली नगर थाने में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

यह मुकदमा सीजेएम सुधा सिंह के आदेश पर दर्ज किया गया है। कॉलेज की संस्थापक व संरक्षक कृष्णा चौधरी ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की शिकायत की थी। शिकायत में बताया कि महाविद्यालय की प्रबंधन समिति के चुनाव बिना किसी वैध प्रक्रिया के कराए गए। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्रार फर्म्स एंड सोसायटी कार्यालय से अनुमोदन लेकर स्वयं को वैध पदाधिकारी भी दर्शाया गया। आरोप है कि 5 अप्रैल 2020 को नियमावली के विपरीत फर्जी बैठक दिखाते हुए 17 लोगों के जाली हस्ताक्षरों से कार्रवाई तैयार की गई।शिकायत में 8 नवंबर 2021 को संस्था की 50 लाख रुपये की धनराशि दयाराम एंड संस के संचालक राजेश गुप्ता के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई। इसके अलावा, कथित पदाधिकारी उमाशंकर वर्मा ने बिना किसी बैठक की स्वीकृति के 20 लाख रुपये अपने बेटे मानव पटेल के खाते में ट्रांसफर कर दिए। संस्था का एक बैंक खाता बिना अनुमति के जिला सहकारी बैंक में खोला गया। शिकायत के बाद जब यह खाता फ्रीज हुआ, तो उसमें जमा करीब दो करोड़ रुपये दूसरे खाते में स्थानांतरित कर दिए गए। इसमें बैंक के तत्कालीन चेयरमैन धीरेंद्र कुमार वर्मा ने भी इसका लाभ लेने के आरोप लगाए हैं।

आरोप है कि उमाशंकर वर्मा और धीरेंद्र कुमार वर्मा ने कॉलेज के कर्मचारी अवधेश, मान सिंह, अजय वर्मा, राकेश कुमार, विजय, सुनील, राजीव और अशोक के नाम से अलग-अलग तिथियों—15 जुलाई 2022, 26 जुलाई 2022, 18 अगस्त 2023 और 20 अगस्त 2023—को सेल्फ व अन्य नामों से चेक जारी कर नकद धनराशि निकालकर हड़प ली।

कृष्णा चौधरी ने बताया कि उन्होंने पहले भी इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की थी और 25 सितंबर 2025 को दुबारा प्रार्थना पत्र भी दिया गया, लेकिन कार्रवाई न होने पर कोर्ट में शिकायत की थी। कोर्ट ने आवेदन पर सुनवाई करते हुए मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। कोतवाली इंस्पेक्टर सुधीर सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है, मामले की जांच की का रही है।

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