हमीदिय में ठग को जानकारी देने वाले कर्मचारी गायब:जांच के घेरे में सिर्फ आउटसोर्स स्टाफ

भोपाल, हमीदिया अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों से ठगी का मामला सामने आने के बाद जांच आगे बढ़ने की बजाय उलझती नजर आ रही है। जनवरी से अब तक 10 से ज्यादा लोग इस नए ठगी पैटर्न का शिकार हो चुके हैं।

तीन पीड़ितों ने कोहेफिजा थाने में 30 हजार रुपए से ज्यादा की ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। हैरानी की बात यह है कि तीन दिन बीतने के बाद भी ठग को मरीजों की जानकारी देने वाले कर्मचारी सामने नहीं आए हैं। जांच के दायरे में फिलहाल सिर्फ आउटसोर्स कर्मचारी हैं, जबकि नियमित स्टाफ बाहर हैं।

जबकि स्टाफ ही ठग जितेंद्र खागरे को मरीजों की जानकारी और उनके परिजन के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराता था। इसके बाद ठग खुद को डॉक्टर बताकर बेहतर इलाज का लालच देता और फिर क्यूआर कोड भेजकर अपने खाते में पैसे मंगवाता था। शुक्रवार को ठगी के इस गिरोह के मुख्य आरोपी, बैतूल निवासी जितेंद्र खागरे को क्राइम ब्रांच की टीम ने इंदौर से गिरफ्तार कर कोहेफिजा थाने की पुलिस को सौंप दिया था।

जांच में सामने आया है कि ठग मरीज की तबीयत बिगड़ते ही परिजनों को कॉल करता था। सिक्योरिटी इंचार्ज जयंत भारद्वाज के मुताबिक, पीड़ितों ने बताया कि मरीज को उल्टी या तकलीफ होने के करीब 10 मिनट बाद ही ठग का फोन आ जाता था। वह खुद को डॉक्टर बताकर कहता था कि मरीज की हालत गंभीर है और तुरंत इंजेक्शन के लिए 5 से 10 हजार रुपए ट्रांसफर करने होंगे।

आउटसोर्स कर्मचारी जांच के घेरे में, नियमित स्टाफ बाहर

इस मामले में सबसे बड़ा विवाद जांच को लेकर खड़ा हुआ है। पुलिस को करीब 1400 आउटसोर्स कर्मचारियों की पूरी डिटेल दी गई है। उनके मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी के आधार पर जांच की जा रही है।

वहीं, नियमित कर्मचारियों की जानकारी अब तक पुलिस को नहीं सौंपी गई है। अधीक्षक कार्यालय का कहना है कि पुलिस जब मांगेगी, तब डिटेल दी जाएगी। इसी को लेकर आउटसोर्स कर्मचारी भेदभाव के आरोप लगा रहे हैं।

ठगी रोकने के लिए अस्पताल में होंगे बदलाव

हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन ने बताया कि ठगी रोकने के लिए अस्पताल में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। मरीजों के पर्चे और एडमिशन फॉर्म पर बोल्ड अक्षरों में चेतावनी लिखी जाएगी। अस्पताल के भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे।

स्टाफ को मिल रहा था 20% कमीशन

सिक्योरटी एजेंसी के अनुसार, ठग के नेटवर्क की जड़ें हमीदिया अस्पताल के तीन प्रमुख विभागों तक फैली हुई हैं। इनमें स्त्री रोग विभाग, पीडियाट्रिक विभाग और इमरजेंसी मेडिसिन विभाग शामिल हैं। जानकारियों के बदले स्टाफ को 20 प्रतिशत कमीशन दिया जा रहा था।

स्टाफ के 7 लोगों के शामिल होने की आशंका

अब तक की जांच में करीब 7 अस्पताल स्टाफ के इस नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आई है। हालांकि, इनकी पहचान फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। हालांकि, एक बात स्पष्ट हुई है कि स्टाफ ठग को जानकारी सिर्फ कमीशन के लिए दे रहे थे।अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जिन भी स्टाफ के नाम सामने आएंगे, उन्हें तत्काल अस्पताल से हटा दिया जाएगा। वहीं, थाना कोहेफिजा पुलिस इन कर्मचारियों की पहचान होने के बाद उन पर भी कार्रवाई करेगी।

डॉक्टर बनकर पीड़ित से मिला जितेंद्र

एक पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उनके बच्चे के दिल में छेद था। जिसके इलाज के लिए बच्चे को हमीदिया में भर्ती कराया था। जितेंद्र ने अस्पताल में भी डॉक्टर बनकर उनसे मुलाकात की थी।

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