फरीदा जलाल: मां-बाप के तलाक के बाद कोर्ट ने भेजा दिया था बोर्डिंग स्कूल, ‘धर्म’ को लेकर खाई थी कसम

दिग्गज अभिनेत्री फरीदा जलाल पर्दे पर भले ही कितनी ही खूबसूरत क्यों न दिखती हों, लेकिन आम लोगों की तरह उनकी जिंदगी में भी काफी उथल-पुथल रही है। एक्ट्रेस ने खुलकर बताया था कि उनके परिवार की हालत क्या थी और कैसे बचपन में ही उनके माता-पिता अलग हो गए। एक्ट्रेस ने एक बार अपने जीवन के एक बेहद निजी अध्याय – अपने माता-पिता के तलाक और उन पर पड़े प्रभाव के बारे में खुलकर बात की थी। 2021 में फारूक शेख के होस्ट किए जाने वाले सेलिब्रिटी टॉक शो ‘जीना इसी का नाम है’ में शामिल होकर, इस मशहूर एक्ट्रेस ने अपने बचपन को याद किया और बताया कि कैसे उनके माता-पिता से कम उम्र में अलग होने और बोर्डिंग स्कूल में रहने से उनका जीवन प्रभावित हुआ।

फरीदा जलाल ने बताया कि जब वह सिर्फ दो साल की थीं, तब उनके माता-पिता का तलाक हो गया था, जिसके बाद अदालत ने बच्चों को बोर्डिंग स्कूल में भेजने का आदेश दिया। आखिरकार, उनकी मां को बच्चों की कस्टडी मिल गई, लेकिन घर से दूर बड़े होने के अनुभव ने उन पर गहरा प्रभाव छोड़ा।

फरीदा जलाल का असली नाम

फरीदा जलाल ने बताया, ‘मेरा असली नाम फरीदा सामी है। जब मैं दो साल की थी, तब मेरे माता-पिता का तलाक हो गया था। बच्चों की कस्टडी की सुनवाई के बाद, अदालत ने आदेश दिया कि बच्चों को बोर्डिंग स्कूल भेजा जाए। आखिरकार मेरी मां को कस्टडी मिल गई।’ फरीदा ने एक मिशनरी स्कूल में पढ़ाई की, जहां उन्हें अभिनय का शौक भी जागा। उन्होंने बड़े प्यार से याद किया कि कैसे बचपन से ही उन्हें मंच से लगाव था।

भोजपुरी फिल्मों के भी आते हैं ऑफर

फरीदा ने मुंबई से IANS को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, ‘भोजपुरी, पंजाबी या गुजराती फिल्मों के इतने सारे ऑफर मेरे पास आए हैं। जब अभिनेता भाषा से सहज नहीं होता, तो वह डायलॉग ठीक से नहीं बोल पाता – चाहे उसने उन्हें कितना भी याद कर लिया हो। दिल से नहीं निकलता क्योंकि उन्हें पता ही नहीं होता कि वे क्या कह रहे हैं।’

रिटायर नहीं होना चाहतीं फरीदा जलाल

लेकिन उनके मन में अभी भी रिटायरमेंट का ख्याल नहीं है। एक्ट्रेस ने कहा, ‘मैं इसके बारे में क्यों सोचूं? शारीरिक रूप से फिट रहना जरूरी है… मुझे पता है; लेकिन जब मैं सेट पर होती हूं, तो ऊर्जा से भरपूर होती हूं।’

‘मेहरम’ की कहानी दिल को छू गई

उन्होंने अपनी शॉर्ट फिल्म ‘मेहरम’ को लेकर भी बात की थी। यह फिल्म एक भावुक ड्रामा है जो एक बुजुर्ग मुस्लिम महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो हज पर जाने के लिए उत्सुक है लेकिन कई बाधाओं का सामना करती है। उन्होंने इस पर कहा था कि उन्हें कहानी बहुत पसंद आई। इसमें कुछ मैसेज है, इसलिए उन्होंने सोचा कि उन्हें भी यह फिल्म करनी चाहिए।

फरीदा जलाल नहीं जाएंगी धर्म के खिलाफ

यह फिल्म धर्म और लिंग से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाती है। व्यक्तिगत तौर पर, वह कहती हैं कि चाहे वह पर्दे पर कितने भी किरदार निभाएं, वह ‘अपने धर्म की शिक्षाओं के विरुद्ध कभी नहीं जाएंगी।’ उन्होंने कहा, ‘आप पहले से तय नियमों को तोड़-मरोड़ नहीं सकते। इन नियमों के पीछे कारण होते हैं।’

लंबे करियर में 200 से अधिक फिल्में

लगभग पांच दशकों के अपने करियर में, फरीदा जलाल ने 200 से अधिक फिल्मों में काम किया है और भारतीय सिनेमा के सबसे फेमस चेहरों में से एक बन गई हैं। अपनी दमदार प्रेजेंस और टैलेंट के लिए जानी जाने वाली, उन्होंने ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे‘, ‘राजा हिंदुस्तानी’, ‘कुछ कुछ होता है’, ‘कहो ना… प्यार है’, ‘दिल तो पागल है’ और ‘कभी खुशी कभी गम’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में यादगार रोल्स किए हैं।

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