प्रदेश पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों के साथ पहली बैठक

मप्र भाजपा की कमान संभालने के बाद हेमंत खंडेलवाल ने पहली बार सोमवार को प्रदेश पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों की बैठक ली। खंडेलवाल ने कहा कि मेरे परिवार से मैं अकेला राजनीति में हूं। कोई भी खुद को मेरा नजदीकी बताकर लुभाए तो झांसे में मत आना। मेरा नाम लेकर कोई कुछ कहे तो भी भरोसा नहीं करना। मैं पार्टी लाइन से अलग नहीं रहता, इसलिए मेरे नाम पर किसी को भी एंटरटेन न करें। भाजपा ही मेरा परिवार है, आप लोग ही मेरे सहयोगी हैं।

खंडेलवाल ने कुछ प्रदेश पदाधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग काम तो पूरे प्रदेश का संभालते हैं, लेकिन सातों दिन भोपाल में ही दिखते हैं। कुछ मोर्चों के पदाधिकारी तो 4-5 दिन प्रदेश कार्यालय में रहते हैं। जिनके पास जहां जो दायित्व है, उन्हें वहां वक्त देना चाहिए। मोर्चों के अध्यक्षों और जिलाध्यक्षों को सातों दिन कार्यालय में रहने की कोई जरूरत नहीं है। अपने प्रवास के कार्यक्रम बनाएं और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय रहें। जिलाध्यक्षों को पीए और स्टाफ के भरोसे न रहकर सांसदों-विधायकों के घर जाकर बिना एजेंडे के लगातार संवाद बनाए रखना चाहिए। ताकि कार्यकर्ताओं और जनता के बीच यह संदेश जाए कि सत्ता और संगठन में समन्वय है। जिला कार्यालय में भी विधायकों और सांसदों को बुलाएं।

जिला कार्यकारिणी के लिए तय की 25 जुलाई की डेडलाइन

खंडेलवाल ने जिला कार्यकारिणी के गठन के लिए 25 जुलाई की डेडलाइन तय कर दी है। सभी जिलाध्यक्षों को 25 जुलाई तक हर हाल में कार्यकारिणी के नाम भोपाल भेजने को कहा है। इसके बाद संभागवार बैठकें कर इसे फाइनल किया जाएगा। इसके साथ ही नगरीय निकायों में एल्डरमैन, नोटरी, कॉलेजों में जनभागीदारी, अदालतों में सरकारी वकीलों की नियुक्ति के लिए नामों की सिफारिश भी 25 जुलाई तक मांगी है। प्रदेश में बचे हुए मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति और मंडल की कार्यकारिणी गठन की प्रक्रिया अगले एक सप्ताह में पूरा करने के निर्देश जिलाध्यक्षों को दिए हैं।

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