फ्लिपकार्ट ने समय पर नहीं पहुंचाया सामान, भोपाल उपभोक्ता आयोग ने लगाया 25 हजार रुपये का फाइन

भोपाल। ई-कामर्स कंपनियों से सामान मंगाने पर कई बार समय से डिलिवरी नहीं हो पाना बड़ी असहज स्थिति पैदा कर देता है। इससे उपभोक्ता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अगर कंपनी ने शिकायत की सुनवाई नहीं की तो उसकी मानसिक परेशानी भी बढ़ती है। भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग ने ऐसे मामले में ई कामर्स कंपनी फ्लिपकार्ट को दोगुना भुगतान करने का आदेश दिया है।
भोपाल में कटारा हिल्स के स्प्रिंग वैली निवासी रुचि सिंह सिसोदिया ने 10 अगस्त 2023 को 12 हजार रुपये का एक चूड़ा ऑनलाइन बुक किया था। उसका अग्रिम भुगतान कर दिया गया। कंपनी ने 22 अगस्त 2023 तक उसकी डिलिवरी तिथि बताई। निर्धारित तिथि के 15 दिन बाद तक सामान नहीं पहुंचा तो उपभोक्ता ने लॉजिस्टिक कूरियर कंपनी से संपर्क किया। वहां उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
रुपये भी वापस भी वापस नहीं लौटाए
कंपनी ने उनको दिया जा चुका रुपया भी वापस नहीं लौटाया। 2024 में उन्होंने फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्रालि और इनोवेट लाइफस्टाइल प्रा. लि. के खिलाफ याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान फ्लिपकार्ट की ओर से कहा गया कि वह केवल एक ऑनलाइन प्लेटफार्म है, जो खरीददार को विक्रेता से जोड़ने का काम करता है। उत्पाद की डिलीवरी संबंधित कंपनी के माध्यम से कराई जाती है, इसलिए डिलीवरी में हुई देरी के लिए संबंधित विक्रेता कंपनी जिम्मेदार है।
उपभोक्ता आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्पष्ट किया कि ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म उपभोक्ताओं के प्रति जवाबदेही से बच नहीं सकता। उपभोक्ता आयोग ने सेवा में कमी मानते हुए कंपनी को इस मामले में कड़ी फटकार लगाई और आदेश दिया कि दो माह के भीतर उपभोक्ता को 25 हजार रुपये का भुगतान करे।





