हार्वर्ड के गुरु-चेले ने बेचनी शुरू की चाय, आज 234 करोड़ की कमाई, ऐसे चमकाया बिजनेस

नई दिल्ली: हार्वर्ड के गुरु-चेले ने चाय बेचकर करोड़ों का साम्राज्य खड़ा किया है। बेंगलुरु से इसकी शुरुआत हुई। ‘चाय पॉइंट’ के रूप में। अमूलीक सिंह बिजराल और तरुण खन्ना ने मिलकर 2010 में इसकी नींव रखी। बिजराल हार्वर्ड बिजनेस स्कूल (2006 बैच) में छात्र थे। वहीं पर तरुण खन्ना उनके प्रोफेसर। चाय पॉइंट का आइडिया 2009 में मुंबई के एक कैफे में दोनों की चाय पर बातचीत के दौरान आया था। यह ब्रांड कई तरह की चाय की पेशकश करता है। वित्त वर्ष 2024-25 में इसने 234.7 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया। आइए, यहां अमूलीक सिंह बिजराल और तरुण खन्ना की सफलता के सफर के बारे में जानते हैं।
रोजाना लाखों कप चाय की बिक्री
बेंगलुरु में साल 2010 में चाय पॉइंट की कहानी शुरू हुई। इसे अमूलीक सिंह बिजराल और तरुण खन्ना ने मिलकर खड़ा किया। अमूलीक हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के छात्र थे और तरुण वहां उनके प्रोफेसर। इस बिजनेस का आइडिया 2009 में मुंबई के एक कैफे में चाय पर हुई चर्चा के दौरान जन्मा था। आज यह ब्रांड भारत के 9 प्रमुख शहरों में 180 से अधिक रिटेल स्टोर और 3,500 से ज्यादा वर्कप्लेस कम्युनिटी हब के जरिये हर दिन लगभग 7 से 10 लाख कप चाय परोस रहा है। यह चाय पर आधारित एक बेवरेज प्लेटफॉर्म है। इसका एक बड़ा ओमनीचैनल नेटवर्क है।
234.7 करोड़ का रेवेन्यू
वित्त वर्ष 2024-25 के आंकड़ों के मुताबिक, चाय पॉइंट ने अपने रेवेन्यू में 12 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है। यह बढ़कर 234.7 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी की कुल कमाई का लगभग 93% हिस्सा सीधे ऑपरेशंस से आया है। शुद्ध घाटा पिछले साल के 45.7 करोड़ रुपये से कम होकर 40 करोड़ रुपये रह गया है।
सफलता का सीक्रेट
अमूलीक सिंह बिजराल और तरुण खन्ना की कंपनी ने पारंपरिक चाय संस्कृति को आधुनिक तकनीक से जोड़ा है। कंपनी ने ‘boxC.in’ नाम का एक IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स)-बेस्ड और क्लाउड-कनेक्टेड ऑटोमेटेड ब्रीइंग सिस्टम विकसित किया है। यह कॉरपोरेट ऑफिसों में एक जैसा स्वाद सुनिश्चित करता है। इसके अलावा, साल 2016 में कंपनी ने एक स्पेशल हीट-रिटेनिंग डिस्पोजेबल फ्लास्क पेश किया था। डिलीवरी के दौरान यह चाय को 2 घंटे तक गरम रख सकता है। फ्रेश चाय के साथ कंपनी अब इंस्टेंट टी सैशे और स्नैक्स जैसे पैकेज्ड उत्पाद भी बेच रही है।
बड़ी है आगे की प्लानिंग
हाल में कुंभ मेले में इसने अपनी खास मौजूदगी दर्ज कराई थी। इसने मेले के दौरान रोजाना 1 लाख कप चाय बेचने का रिकॉर्ड बनाया था। अब यह ब्रांड अगले बड़े कदम की तैयारी में है। अब तक लगभग 660 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाने के बाद सह-संस्थापक तरुण खन्ना ने संकेत दिया था कि चाय पॉइंट साल 2026 के मध्य तक शेयर बाजार में लिस्ट होने की योजना बना रही है। कंपनी का फोकस अब अपनी पहुंच बढ़ाने और खर्चों को कंट्रोल कर मुनाफे की ओर बढ़ने पर है।





