हेमा मालिनी ने बताया सनी-बॉबी ने क्यों रखी अलग प्रार्थना सभा, बेटियों के लिए फार्म से आता था घी, सब बोलीं

हेमा मालिनी के लिए 2025 बेहद भावुक रहा। उनके पति, दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का 24 नवंबर को देहांत हो गया, जिससे एक ऐसा खालीपन आ गया है जिसे भरना मुश्किल है। 2026 की शुरुआत के साथ ही एक्ट्रेस धीरे-धीरे काम पर लौट रही हैं और अपने जीवन को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश कर रही हैं। धर्मेंद्र के निधन के बाद पहले इंटरव्यू में हेमा मालिनी ने जीवन भर के साथी को खोने के दर्द, उनकी बीमारी के दौरान मीडिया की अटकलों से हुई परेशानी, अलग-अलग प्रार्थना सभाओं और उनके लोनावला फार्महाउस से जुड़ी बातें बताई हैं।

हेमा मालिनी ने ईटाइम्स के साथ इंटरव्यू में कहा, ‘हमारा साथ समय की कसौटी पर खरा उतरा। यह असहनीय सदमा था। यह बहुत भयानक था क्योंकि एक महीने तक हम उनके बीमार रहने के दौरान संघर्ष करते रहे। अस्पताल में जो कुछ भी हो रहा था, हम लगातार उससे निपटने की कोशिश कर रहे थे। हम सब – मैं, ईशा, अहाना, सनी, बॉबी – सब साथ थे। पहले भी कई बार ऐसा हुआ था कि वे अस्पताल गए और ठीक होकर घर लौट आए। हमें लगा कि इस बार भी आ जाएंगे।’

धर्मेंद्र के निधन के बाद हेमा मालिनी का इंटरव्यू

उन्होंने बताया, ‘वे हमसे अच्छे से बात कर रहे थे। मेरे जन्मदिन (16 अक्टूबर) पर उन्होंने मुझे जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं। उनका जन्मदिन 8 दिसंबर को था, जब वे 90 साल के हो रहे थे और हम इसे अच्छे से मनाने की सोच रहे थे। तैयारियां चल रही थीं, और फिर अचानक वे हमें छोड़कर चले गए। उन्हें इस हालत में देखना बहुत मुश्किल था। किसी को भी इस तरह की स्थिति से नहीं गुजरना चाहिए।’

धर्मेंद्र के लोनावला वाले फार्महाउस पर बोलीं

वह कहती हैं, ‘लोनावला में उनका फार्म बेहद खूबसूरत है। ऐसा लगता है जैसे छोटा पंजाब हो। उनके पास गायें हैं और हम फार्म से घी लेते हैं। अभी दो महीने पहले ही, वह हमारे लिए घी की तीन बोतलें लाए थे और कहते थे, ‘यह ईशा के लिए है, यह अहाना के लिए है और यह तुम्हारे लिए है।’ वह एक प्यारे और अद्भुत इंसान थे। जब भी मैं आसपास नहीं होती थी, वह लोनावला में समय बिताते थे। जब मैं काम के लिए मथुरा या दिल्ली जाती थी, तो हम अपने शेड्यूल को एडजस्ट कर लेते थे और जब भी मैं लौटती थी, वह वापस आकर मुंबई में मेरे घर पर मेरे साथ समय बिताते थे। इस तरह हम अपने पोते-पोतियों के साथ खुशी-खुशी रहते थे। कभी-कभी वह अहाना के घर भी रुकते थे। हमने साथ में कई खूबसूरत पल बिताए हैं। वह हमारे जीवन का हिस्सा थे और अचानक, पिछले एक महीने से, वह हमारे बीच नहीं हैं। इस बात को स्वीकार करना बहुत मुश्किल है। जब भी मुझे कोई फैसला लेना होता था, मैं उनसे पूछती थी।’

धर्मेंद्र की दो प्रार्थना सभा क्यों?

धर्मेंद्र की याद में अलग-अलग आयोजित प्रार्थना सभाओं को लेकर काफी अटकलें लगाई गईं। ऑनलाइन खबरों में यह सवाल उठाया गया कि सनी, बॉबी और उनके परिवार ने प्रार्थना सभा में हेमा मालिनी और उनकी बेटियों को नहीं बुलाया। इस मुद्दे पर सीधे जवाब देते हुए हेमा ने कहा, ‘यह हमारे घर का निजी मामला है। हमने आपस में बात की। मैंने अपने घर पर एक प्रार्थना सभा रखी क्योंकि मेरे करीबी लोग अलग हैं। फिर, मैंने दिल्ली में एक प्रार्थना सभा रखी क्योंकि मैं राजनीति में हूं, और मेरे लिए वहां अपने क्षेत्र के दोस्तों के लिए प्रार्थना सभा रखना जरूरी था। मथुरा मेरा निर्वाचन क्षेत्र है, और वहां के लोग उनके दीवाने हैं। इसलिए, मैंने वहां भी प्रार्थना सभा रखी। मैं अपने किए से संतुष्ट हूं।’

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