पर्यावरण विभाग में हाई वोल्टेज ड्रामा:भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले सिया चेयरमैन के दफ्तर पर जड़वाया ताला

पर्यावरण विभाग में सोमवार को एनवायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (सिया) के चेयरमैन शिवनारायण सिंह चौहान और विभाग के प्रमुख सचिव नवनीत मोहन कोठारी के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया। सुबह जब चेयरमैन भोपाल स्थित पर्यावरण परिसर के अपने चेंबर पहुंचे, तो गेट पर ताला लटका मिला। पूछने पर बताया गया कि ताला पीएस के निर्देश पर लगवाया गया है। मामला सीधे मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा। शाम 3:55 बजे मुख्य सचिव के हस्तक्षेप के बाद ताला खोला गया।
विवाद के केंद्र में एप्को (पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन) भी है, जहां से सिया चेयरमैन का चेंबर संचालित होता है। चौहान ने कहा कि पर्यावरणीय मंजूरी सिर्फ केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय व राज्य की सिया दे सकती है। लेकिन एप्को भी ऐसा कर रहा है।
इलेक्ट्रिकल फॉल्ट के कारण बंद कराया था दफ्तर : पीएस कोठारी
प्रमुख सचिव नवनीत कोठारी ने इन आरोपों को खारिज किया। कहा- ‘एप्को दफ्तर में इलेक्ट्रिक फॉल्ट की शिकायत मिली थी। आगजनी की आशंका को देखते हुए मैंने स्टाफ से सभी चेंबर बंद करने को कहा था। इसमें जिनमें मेरा खुद का भी चेंबर शामिल है। लेकिन सिया चेयरमैन ने इसे बेवजह मुद्दा बना दिया। इसके बाद दबाव डालकर दफ्तर खुलवाया। अगर कोई दुर्घटना होती है, तो इसके लिए वही जिम्मेदार होंगे।’
पीएस का भ्रष्टाचार उजागर किया, इसलिए लगवाया ताला: चेयरमैन
मैंने पर्यावरण विभाग के पीएस नवनीत कोठारी और एप्को की ईडी आर. उमामहेश्वरी द्वारा नियमों के उल्लंघन और अवैध मंजूरियों की जानकारी शासन को भेजी थी। इसके बाद मेरे दफ्तर पर ताला लगवा दिया गया। विभाग का स्टाफ कह रहा है कि पीएस ने निर्देश दिए कि सिया चेयरमैन को अब दफ्तर में नहीं बैठना है। सिया की पिछले 65 दिनों से कोई बैठक नहीं हुई है।’
-शिवनारायण सिंह, चेयरमैन, सिया





