मणिपुर में मुस्लिम भाजपा नेता का घर जलाया:नए वक्फ बिल का किया था समर्थन

नए वक्फ कानून का समर्थन करने पर मणिपुर के थोउबल जिले में रविवार को भीड़ ने भाजपा बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष असगर अली मकाकमयुम के घर में तोड़फोड़ की और आग लगा दी।

घटना के बाद असगर अली ने माफी मांगी और केंद्र सरकार से नए वक्फ कानून को वापस लेने की अपील की। उन्होंने पोस्ट में पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी टैग किया। असगर अली ने लिखा –

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कृपया इस मुद्दे पर राजनीति न करें। मैंने जो कुछ भी कहा, अगर उससे किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं माफी चाहता हूं। मैं केंद्र सरकार से अनुरोध करता हूं कि इस कानून को वापस ले लिया जाए।

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इस बीच, आज राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नए वक्फ कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगा। सुप्रीम कोर्ट में अब तक 6 याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं।

केरल के सुन्नी मुस्लिम संगठन जमीयतुल उलेमा, कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, AAP विधायक अमानतुल्लाह खान, सिविल राइट्स संगठन एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स और जमीयत उलेमा-ए-हिंद याचिका लगा चुके हैं। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने 11 अप्रैल से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

सरकार ने गजट नोटिफिकेशन जारी किया

सरकार ने नए कानून को लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। कानून को लागू करने की तारीख को लेकर केंद्र सरकार अलग नोटिफिकेशन जारी करेगी। यह बिल (अब कानून) 2 अप्रैल को लोकसभा और 3 अप्रैल को राज्यसभा में 12-12 घंटे की चर्चा के बाद पास हुआ था।

इस पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था- कानून का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों में हो रहे पक्षपात, दुरुपयोग और अतिक्रमण को रोकना है। बिल को राज्यसभा में 128 सदस्यों ने समर्थन दिया था, 95 ने विरोध किया। लोकसभा में यह बिल 2 अप्रैल की आधी रात पारित हुआ था। इस दौरान 288 सांसदों ने समर्थन में और 232 ने विरोध में वोट डाला था।

वक्फ बिल पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का विरोध 

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने शनिवार शाम को वक्फ बिल के विरोध में दो पेज का लेटर जारी किया और 11 अप्रैल से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की। AIMPLB ने कहा कि हम सभी धार्मिक, समुदाय-आधारित और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेंगे। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक संशोधन पूरी तरह से निरस्त नहीं हो जाते।

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