6 में से 5 मुकाबले हारकर भी CSK कैसे कर सकती है प्लेऑफ में क्वालीफाई? समझें पूरा खेल

नई दिल्ली: आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स के लगातार संघर्ष का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को उसे कोलकाता नाइटराइडर्स ने उसके होम ग्राउंड चेपक स्टेडियम में आठ विकेट से एकतरफा शिकस्त दी। दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी के कमान संभालने के बावजूद टीम की किस्मत टर्न होती नजर नहीं आई। पहले खेलते हुए सीएसके की बल्लेबाजी बुरी तरह लड़खड़ा गई। सुनील नरेन, मोईन अली और वरुण चक्रवर्ती की स्पिन तिकड़ी ने 12 ओवर के अपने कोटे में कमाल दिखाते हुए महज 55 रन देकर विपक्षी टीम के छह बल्लेबाजों को वापसी की राह दिखाई।

सुपर किंग्स की टीम 20 ओवर्स में नौ विकेट के नुकसान पर 103 रनों तक ही पहुंच पाई। यह चेन्नई का चेपॉक पर न्यूनतम IPL स्कोर है। चेन्ई की तरफ से सबसे बड़ा योगदान ऑलराउंडर शिवम दुबे के नॉट आउट 31 रनों का रहा। वहीं विजय शंकर ने 29 रन बनाए। धोनी समेत सीएसके के कुल छह बल्लेबाज सिंगल डिजिट में आउट हुए। केकेआर ने यह लक्ष्य सिर्फ 10.1 ओवर्स में 2 विकेट के नुकसान पर 107 रन बनाकर हासिल किया जिसमें नरेन बल्लेबाजी में भी अव्वल रहे और 18 गेंदों पर 2 फोर और 5 सिक्स समेत 44 रन की धमाकेदार पारी से जीत सुनिश्चित की।

पॉइंट्स टेबल में नौवें स्थान पर चेन्नई

चेन्नई सुपर किंग्स ने अब तक इस सीजन 6 मुकाबले खेले हैं, जिसमें से टीम ने सिर्फ एकमात्र मुकाबले में जीत दर्ज की है। ऐसे में दो अंक और -1.554 क की नेट रन रेट के साथ चेन्नई सुपर किंग्स पॉइंट्स टेबल में नौवें स्थान पर है। चेन्नई ने पांच लगातार मैचों में हार का सामना किया है। हालांकि, यहां से भी सीएसके की किस्मत बदल सकती है। चेन्नई अब भी आईपीएल 2025 के प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर सकती है। उनके लिए प्लेऑफ के दरवाजे बंद नहीं हुए हैं।

अब भी प्लेऑफ के लिए कैसे क्वालीफाई कर सकती है चेन्नई?

दरअसल, चेन्नई सुपर किंग्स के हाथ में अब यहां से आठ मैच है। सीएसके को अब हर मैच करो या मरो जैसा है। चेन्नई अब भी बिना किसी टीम पर डिपेंड हुए प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर सकती है। उनको आठ में से सात मुकाबले जीतने होंगे। सीएसके अब भी 16 अंक तक पहुंच सकती है। वहीं अगर सीएसके 14 अंक यानी आठ में से छह मुकाबले भी जीतती है तो भी प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर सकती है। चेन्नई को धीरे-धीरे अपनी नेट रन रेट में भी सुधार करना होगा, जिससे बाद में जाकर दूसरी टीम के जितने अंक होने के बाद बेहतर नेट रन रेट होने से उनको क्वालीफाई करने का मौका मिले। अंत में नेट रन रेट की वजह से हमने टीमों को एक जितने पॉइंट्स होने के बावजूद बाहर होते हुए देखा है।

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