इंडिया ने दिया सबसे अच्छा ऑफर… ट्रंप के अफसर ने बांधे भारत की तारीफों के पुल, क्या फाइनल होने जा रही ट्रेड डील?

वॉशिंगटन: भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर लंबे समय से चल रहे गतिरोध के टूटने की उम्मीद बंधी है। अमेरिका पक्ष ने माना है कि भारत की ओर से उनको शानदार ऑफर मिला है। अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (यूएसटीआर) जेमिसन ग्रीर ने बताया कि भारत ने ऐसे बेहतरीन ऑफर रखे हैं, जो हमें एक देश के तौर पर अब तक नहीं मिले हैं। ग्रीक का भारत की तारीफ में यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के प्रतिनिधि व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इससे दोनों पक्षों के समझौते पर आगे बढ़ने के संकेत मिलते हैं, दोनों ही पक्ष इसी साल के खत्म होने तक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को पूरा करना चाहते हैं।

ग्रीर ने वॉशिंगटन में सीनेट की उपसमिति की सुनवाई में कहा, ‘भारत में कुछ रो क्रॉप्स (कच्ची फसलों) और मांस उत्पादों को लेकर प्रतिरोध है। ये एक कठिन मुद्दा रहा है लेकिन अब वे सकारात्मक रुख दिखा रहे हैं। भारतीय जिस तरह के प्रस्ताव हमें दे रहे हैं, वे अब तक किसी भी देश से मिले सबसे बेहतर प्रस्ताव हैं। इसलिए मुझे लगता है कि यह हमारे लिए एक व्यावहारिक वैकल्पिक बाजार हो सकता है।’

क्या फाइनल होगी डील?

जेमिसन ग्रीर ने यह भी कहा कि सिविल एविएशन पार्ट के लिए जीरो-टैरिफ कमिटमेंट पर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। हालांकि इसमें शर्त ये है कि भारत भी वैसी ही पहुंच हमें देगा। वॉशिंगटन की ओर से भारत को अमेरिकी इथेनॉल ज्यादा आयात करने के लिए कहा जा रहा है, जो अमेरिकी बायोफ्यूल के लिए ग्लोबल मार्केट का विस्तार करने की मुहिम का हिस्सा है।

जेमिसन ग्रीर के अलावा भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की ओर से भी सकारात्मक बयान आया है। गोयल ने बुधवार को एक बयान में कहा कि वार्ता का माहौल पॉजिटिव है। कई कड़ियां जुड़ गई हैं और बातचीत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है। ग्रीर ओर गोयल के बयानों को डील के पहले चरण के किसी नतीजे पर पहुंचने के संकेत की तरह से देखा जा रहा है।

दोनों देशों में बातचीत जारी

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर वार्ता दो दिन (10 और 11 दिसंबर) को होनी है। यह बातचीत इस लिहाज से अहम है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद से वार्ता पटरी से उतरी हुई है। दोनों देशों की पहल पर वार्ता फिर से शुरू हुई है लेकिन अभी तक समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।

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