अमेरिका में अवैध तरीके से घुसा था भारतीय ट्रक ड्राइवर हरजिंदर, फ्लोरिडा में 3 को मार डालने का आरोप, ऐक्‍शन में ट्रंप प्रशासन

वॉशिंगटन: अमेरिका के फ्लोरिडा में हुए एक सड़क हादसे ने अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर बहस तेज कर दी है। इस सड़क हादसे में भारत के ट्रक चालक हरजिंदर सिंह पर तीन लोगों को मार डालने का आरोप है। बताया गया है कि सिंह के ट्रक को गलत साइड में मोड़ देने से हुए हादसे में तीन लोगों की जान गई है। हरजिंदर सिंह सात साल पहले गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में घुसे थे और 5,000 डॉलर के बॉन्ड पर छूटने के बाद ड्राइवर के तौर पर काम कर रहे थे। इस घटना को ट्रंप प्रशान अपनी सख्त निर्वासन नीति को जायज ठहराने के लिए पेश कर रहा है।

फ्लोरिडा हादसे के बाद डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने हरजिंदर के बारे में पाया कि 2018 में कैलिफोर्निया के रास्ते अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने पर उसे गिरफ्तार किया गया था। यूएस के होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने बताया है कि गिरफ्तारी के बाद उसे निष्कासन की प्रक्रिया में लाया गया। तब उसने दावा किया कि भारत लौटने पर उसे खतरा है। इसके बाद अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा ने उसके डर को जायाज मानते हुए उसे 5,000 डॉलर के बॉन्ड पर रिहा कर दिया।

फ्लोरिडा टर्नपाइक पर 3 की मौत

हरजिंदर सिंह को 12 अगस्त को फ्लोरिडा टर्नपाइक पर फोर्ट पियर्स के पास तीन लोगों की मौत के बाद गिरफ्तार किया गया है। तीनों एक मिनीवैन में सवार थे, जिसे सिंह के ट्रंक ने रौंद दिया। सिंह को व्हीकल मर्डर के लिए जारी वारंट पर गिरफ्तार किया गया है। फ्लोरिडा कानून के तहत यह द्वितीय श्रेणी का अपराध है, जिसके लिए 15 साल तक की जेल हो सकती है।

इस हादसे का वीडियो सामने आने और हरजिंदर सिंह के भारत से अवैध रूप से आए विदेशी पाए जाने के बाद यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। डीएचएस ने बताया है कि सभी चीजों पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद सिंह को सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा माना गया है। उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए उसे वापस भारत भेजा जा सकता है।

अमेरिका में रहने का कोई विकल्प नहीं

डीएचएस ने कहा कि सिंह ने बताया कि सिंह को कोई शारीरिक या मानसिक स्वास्थ्य समस्या नहीं है। उसका कोई निकट संबंधी अमेरिकी सेना में सेवारत नहीं है। उस पर किसी विकलांग, नाबालिग या गंभीर बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति की देखभाल का जिम्मा नहीं है। हरजिंदर सिंह अविवाहित और उसका कोई नाबालिग आश्रित नहीं हैं। इनमें ये कुछ होने पर उसे अमेरिका में रोका जा सका था लेकिन अब उसका निर्वासन तय है।


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